निम्बार्क संस्थान का सामूहिक विवाह सम्मेलन: 31 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, संतों और जनप्रतिनिधियों का मिला आशीर्वाद
भीलवाड़ा, (बृजेश शर्मा) अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर निम्बार्क पारमार्थिक सेवा संस्थान द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का भव्य उदाहरण बनकर सामने आया। महंत मोहन शरण शास्त्री के सानिध्य में आयोजित इस समारोह में 31 जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और अपने नए जीवन की शुरुआत की।
कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों और संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। विधायक गोपाल खंडेलवाल और धीरज गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को शुभाशीष देते हुए संस्थान के इस सामाजिक सरोकार से जुड़े प्रयास की सराहना की।
राजस्थान जन मंच अध्यक्ष कैलाश सोनी के अनुसार इस अवसर पर संत समाज का भी भव्य समागम देखने को मिला। महामंडलेश्वर हंसराम जी महाराज, महामंडलेश्वर बाबू गिरी जी महाराज, सांगानेर से पधारे गोपाल दास जी महाराज और संतदास जी महाराज सहित कई संतों ने कार्यक्रम में भाग लेकर नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया।
समारोह के मुख्य यजमान राकेश शर्मा और दीपिका शर्मा रहे, जिन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ यज्ञ और पूजन संपन्न कराया। कार्यक्रम की विशेष आकर्षण तुलसी-शालिग्राम विवाह रहा, जिसे अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ संपन्न किया गया।
विवाह समारोह से पूर्व नगर के प्रमुख बाजारों से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों के साथ निकली इस यात्रा का नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर और तोरण द्वार सजाकर स्वागत किया, जिससे पूरे शहर में उत्सव का माहौल बन गया।
संस्थान द्वारा विदाई के समय प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 83 उपयोगी वस्तुओं की किट प्रदान की गई। इसमें गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक सामग्री जैसे सिलाई मशीन, प्रेस, पलंग, अलमारी और रसोई के बर्तन शामिल रहे, जिससे नवदंपतियों को नए जीवन की शुरुआत में सहारा मिल सके। महंत मोहन शरण शास्त्री ने आयोजन की सफलता पर सभी अतिथियों, यजमानों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए इसे ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का साकार रूप बताया।


