सौंख में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर विधिक जागरूकता शिविर किया आयोजित
कठूमर (दिनेश लेखी) महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय सौंख में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर विशेष विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में पीएलवी अनुजा शर्मा एवं दीपक बालोत ने विद्यार्थियों को नालसा वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी सेवा योजना 2016 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनका सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। साथ ही यह भी बताया गया कि बुजुर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है और वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।
शिविर में विद्यार्थियों को माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम 2007 के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि संतान का कर्तव्य है कि वह अपने माता-पिता की देखभाल करे। बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार, उपेक्षा, संपत्ति हड़पना या मानसिक प्रताड़ना कानूनन अपराध है।
कार्यक्रम की शुरुआत नालसा थीम सॉन्ग "एक मुठ्ठी आसमां" सुनाकर की गई। इसके बाद पीएलवी दीपक बालोत ने वन विभाग की योजनाओं, साइबर अपराध से बचाव तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आमजन की समस्याओं के निवारण में लोक अदालत और विधिक सेवा प्राधिकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिविर में विद्यार्थियों को वरिष्ठ नागरिकों के प्रमुख अधिकार—भरण-पोषण का अधिकार, स्वास्थ्य सुविधा का अधिकार एवं सुरक्षा का अधिकार—के बारे में विस्तार से समझाया गया। साथ ही बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे अपने घर एवं समाज में बुजुर्गों का सम्मान करें, उनकी सहायता करें और उनके अनुभवों से सीख लें।
इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ के बनवारी सैनी, कुलदीप सिंह, संजू देवी, ज्योति सैनी, धर्मेंद्र सिंह, गुमान सिंह, योगेश कुमार सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।


