मृदा स्वास्थ्य कार्ड से बदली किसान दरबसिंह की खेती की तस्वीर, वैज्ञानिक खेती की ओर बढ़े कदम
बयाना (भरतपुर) / कोश्लेंद्र दत्तात्रेय
राजस्थान सरकार के 'ग्राम रथ अभियान' ने किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती से जोड़ने का बीड़ा उठाया है। इसी कड़ी में बयाना पंचायत समिति की ग्राम पंचायत निठारी में आयोजित जनजागरूकता शिविर दरबसिंह जैसे किसानों के लिए वरदान साबित हुआ है। शिविर में दरबसिंह को उनका 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड' (Soil Health Card) सौंपा गया, जो अब उनकी खेती की दिशा और दशा बदलने में सहायक होगा।
मिट्टी की सेहत से बढ़ेगी पैदावार
ग्राम मांगरैन खुर्द निवासी दरबसिंह पुत्र निर्भय सिंह ने कृषि विभाग की इस योजना के तहत आवेदन किया था। शिविर में कृषि पर्यवेक्षक ने दरबसिंह को उनका मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया।
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सटीक जानकारी: इस कार्ड के माध्यम से किसान को अपनी भूमि की गुणवत्ता और मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों (जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश आदि) की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
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संतुलित उपयोग: अब दरबसिंह बिना किसी अनुमान के, मिट्टी की जरूरत के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करेंगे। इससे न केवल खाद पर होने वाले अनावश्यक खर्च में कमी आएगी, बल्कि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
"वैज्ञानिक खेती से होगा विकास"
लाभार्थी दरबसिंह ने बताया कि अब तक वे पारंपरिक तरीके से खेती कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण मिला है। उन्होंने कहा कि मिट्टी का परीक्षण होने से उन्हें पता चलेगा कि कौन सी फसल उनके खेत के लिए सबसे उपयुक्त है।
"ग्राम रथ अभियान के माध्यम से हमें घर बैठे योजनाओं का लाभ मिल रहा है। जब योजनाएं इस तरह धरातल पर लागू होती हैं, तभी हम जैसे साधारण किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।"
— दरबसिंह, लाभार्थी किसान
मुख्यमंत्री एवं प्रशासन का जताया आभार
दरबसिंह ने इस जनकल्याणकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शिविर में एलईडी मोबाइल वैन (ग्राम रथ) के जरिए ग्रामीणों को पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और कृषि से जुड़ी अन्य योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी गई।


