भरतपुर: सड़क चौड़ीकरण और फ्लाईओवर का विरोध, व्यापारियों ने लक्ष्मण मंदिर पर किया यज्ञ
भरतपुर | शहर में विकास के नाम पर हो रहे सड़क चौड़ीकरण और फ्लाईओवर निर्माण के विरोध में व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को भरतपुर व्यापार संघ के बैनर तले व्यापारियों ने लक्ष्मण मंदिर पर 'सद्बुद्धि यज्ञ' कर सरकार और प्रशासन के प्रति अपना रोष प्रकट किया। व्यापारियों का आरोप है कि विकास के नाम पर उनका रोजगार छीना जा रहा है और मुआवजे के नाम पर अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
विकास या विनाश? व्यापार संघ ने उठाए सवाल
व्यापार संघ के अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने कड़े शब्दों में कहा कि भरतपुर में विकास की आड़ में विनाश किया जा रहा है। उन्होंने कहा:
"व्यापारी विकास का विरोधी नहीं है। हम भी चाहते हैं कि शहर सुंदर बने, लेकिन व्यापारियों को उजाड़कर कैसा विकास? मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बजट अधिकारियों की मनमानी की भेंट चढ़ रहा है। जनता के पैसे की बर्बादी की जा रही है।"
प्रमुख मांगें और चिंताएं:
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उचित मुआवजा: जिन व्यापारियों की दुकानें तोड़ी जा रही हैं, उन्हें तत्काल उचित मुआवजे का आश्वासन दिया जाए।
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रोजगार का संकट: NCR और TTZ क्षेत्र होने के कारण भरतपुर में पहले ही बड़ी फैक्ट्रियां नहीं हैं। अब दुकानें टूटने से व्यापारियों के सामने पलायन की स्थिति पैदा हो गई है।
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प्रशासनिक चुप्पी: संघ का आरोप है कि जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें होने के बावजूद मुआवजे पर कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई है।
7 दिन का आश्वासन निकला खोखला
अध्यक्ष संजीव ने बताया कि बीते 6 अप्रैल को व्यापारियों ने काले झंडे लगाने का ऐलान किया था। उस समय सरकारी नुमाइंदों और प्रशासनिक अधिकारियों ने 7 दिन के भीतर समस्या का समाधान निकालने और कम से कम तोड़फोड़ करने का आश्वासन दिया था। लेकिन समय सीमा बीत जाने के बाद भी व्यापारियों को केवल धोखा मिला है।
बयाना का भी दिया हवाला
व्यापारियों ने केवल शहर ही नहीं, बल्कि बयाना में हो रहे सड़क चौड़ीकरण का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वहां भी विकास के नाम पर किसानों और छोटे व्यापारियों को बर्बाद किया जा रहा है, जबकि रोजगार सृजन के नाम पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड 'जीरो' है।


