प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस; माताओं का किया भावपूर्ण सम्मान, नैतिकता और संस्कारों से ही परिवार बनेगा खुशहाल
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव)। अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा 'मां-सुखी परिवार की आधारशिला' विषय पर एक भव्य मातृ सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माताओं और क्षेत्रवासियों ने भाग लेकर मातृ शक्ति की महिमा को नमन किया।
मुख्य वक्ता वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सुनीता दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि मां केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि बालक के जीवन में संस्कारों की प्रथम शिक्षिका होती है। वह त्याग, प्रेम और करुणा की साक्षात् प्रतिमूर्ति है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज को ऐसी आध्यात्मिक माताओं की आवश्यकता है जो बच्चों को भौतिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिकता और मानवता का पाठ पढ़ाएं। जब मां स्वयं आध्यात्मिक रूप से सशक्त होगी, तभी एक खुशहाल समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में नन्हे बालकों ने अपनी प्रतिभा से मां के महत्व को उजागर किया। दिव्यांश शर्मा एवं कुमारी तन्नू ने भावपूर्ण कविता पाठ किया, वहीं कुमारी कीजल ने 'मां- तू कितनी अच्छी है' गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
इस अवसर पर समाजसेवी एडवोकेट मोतीलाल सैनी, रामवतार गुप्ता, चंचल सैनी, तारा देवी, मणि जांगिड़ एवं संतोष सैनी ने भी मां की महिमा का बखान किया और समाज में उनके अद्वितीय योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं।
संस्था द्वारा उपस्थित माताओं को तिलक लगाकर, पुष्प, बैज, ईश्वरीय वरदान एवं प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि मां का सम्मान केवल एक दिन के लिए नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षण में होना चाहिए। अंत में सभी उपस्थित भाई-बहनों ने अपने माता-पिता के सम्मान और घर में शांतिपूर्ण वातावरण बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन विश्व शांति के लिए राजयोग मेडिटेशन के साथ हुआ।


