खैरथल के रसगन में गंगा शिव महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ; 108 कलशों के साथ निकली यात्रा, 18 मई को भरेगा विशाल मेला
खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर क्षेत्र स्थित ग्राम रसगन के शीतलदास आश्रम में सोमवार को गंगा शिव महापुराण कथा का श्रद्धापूर्ण शुभारंभ हुआ। यह आयोजन रैणागिरी धाम के बेनामी जगद्गुरु स्वामी बालकादेवाचार्य जी महाराज की 41 दिवसीय पंच धूणी अग्नि तपस्या की पूर्णाहुति के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।
- कलश यात्रा से भक्तिमय हुआ माहौल
कथा प्रारंभ होने से पूर्व गांव के प्रमुख मार्गों से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। आचार्य सुनील दत्त शास्त्री के सान्निध्य में हुए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में मंगल कलश धारण कर शामिल हुईं। "हर-हर महादेव" के जयकारों और भजनों की धुन से पूरा गांव शिवमय हो गया।
- गंगोत्री धाम के आचार्य कर रहे शिव महिमा का बखान
आश्रम परिसर में आयोजित कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ से आचार्य रावल मनु महाराज (गंगोत्री धाम) ने शिव महिमा, गंगा अवतरण और सनातन धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला। आयोजकों ने बताया कि महापुराण कथा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चलेगी, वहीं रात्रि 8 बजे से भव्य रामलीला का मंचन किया जाएगा। धार्मिक कार्यक्रमों का समापन 17 मई को होगा।
- 18 मई को अग्नि तपस्या की पूर्णाहुति एवं विशाल मेला
इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण स्वामी बालकादेवाचार्य जी महाराज की दुर्लभ 'पंच धूणी अग्नि तपस्या' है। 18 मई को इस कठिन साधना की पूर्णाहुति होगी, जिसके उपलक्ष्य में विशाल मेले और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस अद्वितीय तपस्या के दर्शन हेतु अभी से दूर-दराज से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है।
शीतलदास महाराज की जन्मस्थली होने के कारण रसगन के ग्रामीणों में भारी उत्साह है। गांव के युवा और स्वयंसेवक पेयजल, भोजन प्रसादी और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए दिन-रात सेवा कार्यों में समर्पित हैं।


