राजगढ़ निरंकारी सत्संग भवन पर समर्पण दिवस संत समागम मनाया
राजगढ़ (अलवर/अनिल गुप्ता) राजगढ़ निरंकारी सत्संग भवन पर निरंकारी बाबा हरदेव सिंह की याद में समर्पण दिवस संत समागम मनाया गया ।
इस अवसर पर वक्ताओं ने को संबोधित करते हुए कहा कि समर्पण केवल झुकने का नाम नहीं बल्कि अपने अहंकार को गुरु के चरणों में समर्पित कर देना है जिस मन में अहंकार होता है।
महान आत्माएं अपने कर्म, विचार और आदर्शों से सदैव जीवित रहती है तथा युगों तक मानवता का मार्ग आलोकित करती रहती है।
इस अवसर पर श्रद्धालु भाई बहनों ने अपने गीतो , विचारों, कविताओं द्वारा बाबा हरदेव सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किए
तथा ब्रह्म ज्ञान प्राप्त होने के पश्चात जीवन केवल व्यक्तिगत सीमाओं तक नहीं रहता बल्कि समस्त मानवता की सेवा कल्याण और उत्थान का माध्यम बन जाता है सच्ची सेवा दिखावे से परे प्रेम विनम्रता और निस्वार्थ से परिपूर्ण होती है जबकि वास्तविक भक्ति शब्दों से आगे बढ़कर व्यवहार विचार और कर्मों में झलकता है। इस कार्यक्रम को सुंदर बनाने में सेवादल संचालक मनोहर लाल और शिक्षक दयाराम का प्रसंनीय सहयोग रहा।


