भीलवाड़ा में पहली बार आयोजित होगा भव्य सप्त दिवसीय विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ; बागेश्वरधाम सरकार ने स्वीकार किया आमंत्रण
भीलवाड़ा, (राजकुमार गोयल) पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर वस्त्रनगरी भीलवाड़ा के धार्मिक इतिहास में एक और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। छोटी हरणी स्थित हनुमान टेकरी आश्रम में आगामी 8 जून से 14 जून तक भव्य सप्त दिवसीय 'विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ' का आयोजन किया जा रहा है।
इस महायज्ञ में सम्मिलित होने के लिए हनुमान टेकरी आश्रम के महंत बनवारीशरण काठियाबाबा ने स्वयं बागेश्वर धाम पहुंचकर प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री (बागेश्वरधाम सरकार) से मुलाकात की और उन्हें भीलवाड़ा आने का भावभीना निमंत्रण दिया। पंडित धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री ने बद्रीनाथधाम में अपना अज्ञातवास पूर्ण कर बागेश्वरधाम लौटने पर महंतश्री से भेंट की और भीलवाड़ा के इस भव्य कार्यक्रम के निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए अपनी अनुमति प्रदान की है। गौरतलब है कि इससे पूर्व वर्ष 2024 में भी भीलवाड़ा में उनके सानिध्य में भव्य हनुमंत कथा का सफल आयोजन हो चुका है।
- 11 कुण्डीय महामंडप और सिद्ध लक्ष्मी कलश होंगे मुख्य आकर्षण
महंत बनवारीशरण काठियाबाबा ने बताया कि आश्रम परिसर में महायज्ञ को लेकर तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। यज्ञ के लिए 11 कुण्डीय विशाल यज्ञ मण्डप तैयार किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन सुबह 8:00 से दोपहर 12:00 बजे तक एक साथ 44 यजमान आहुति दे सकेंगे। महायज्ञ के मुख्य यज्ञाचार्य 'श्री शारदा सनातन परमार्थ न्यास' के वेदाचार्य पंडित मुकेश शास्त्री होंगे।
महायज्ञ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें विशेष औषधियों से हवन किया जाएगा, जो दसविद् लक्ष्मी प्राप्ति, ऋण मुक्ति, रोग नाश और राष्ट्र कल्याण के संकल्प के साथ संपन्न होगा। इस दौरान 111 कलशों को लक्ष्मी स्रोत से सिद्ध किया जाएगा, जिन्हें महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद यजमानों को उपहार स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
- वृन्दावन की रासलीला बिखेरेगी भक्ति के रंग
महायज्ञ के दिनों में प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से आश्रम परिसर में वृन्दावन से आए प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भव्य एवं भक्तिपूर्ण रासलीला का मंचन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए छोटी हरणी के ग्रामवासी और आयोजन समिति दिन-रात जुटे हुए हैं। महायज्ञ की पूर्णाहुति 14 जून को अभिजीत मुहूर्त में होगी, जिसके बाद महाआरती और विशाल महाप्रसाद (भंडारे) का वितरण किया जाएगा।


