जहाजपुर: विवादों में पीपलूंद बाईपास परियोजना, अरावली की पहाड़ियों और गोचर भूमि से अवैध रूप से मिट्टी-पत्थर निकालने का आरोप
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब)। ग्राम पंचायत पीपलूंद में निर्माणाधीन बाईपास सड़क परियोजना विवादों में घिरती नजर आ रही है। ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी पर चारागाह भूमि और अरावली पर्वतमाला की पहाड़ियों से कथित रूप से मिट्टी, पत्थर और ग्रेवल निकालकर सड़क निर्माण में उपयोग करने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे सरकारी परियोजना की आड़ में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जा रहा है, जबकि संबंधित विभाग कार्रवाई के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गांव की गोचर भूमि से लगातार मिट्टी निकाले जाने के कारण बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे चारागाह का स्वरूप बिगड़ रहा है और पशुओं के लिए चराई की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से अरावली की पहाड़ियों को काटकर पत्थर एवं ग्रेवल निकाले जाने का भी आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होने के साथ-साथ क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहर को भी नुकसान पहुंच रहा है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि सड़क निर्माण के लिए मिट्टी और ग्रेवल की खरीद का बजट स्वीकृत होने के बावजूद स्थानीय चारागाह भूमि और पहाड़ियों का उपयोग क्यों किया जा रहा है। उनका आरोप है कि निर्माण लागत कम करने के उद्देश्य से सरकारी नियमों की अनदेखी की जा रही है। मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।


