राजगढ़ में नेताओं को दिखाई गईं तख्तियां,"केवी नहीं तो वोट नहीं"निकाय चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
राजगढ़/अलवर (अनिल गुप्ता)। राजगढ़ उपखंड के नाम से स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय (KV) को लेकर उपजा विवाद एक बार फिर तूल पकड़ने लगा है। 'राजगढ़ आवाज मंच' के बैनर तले स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने "केवी नहीं तो वोट नहीं" के पोस्टर प्रमुख बाजारों में चिपकाकर आगामी निकाय चुनावों के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
भाजपा नेताओं को दिखाई तख्तियां, 15 अगस्त को तिरंगा रैली
शुक्रवार को जब स्थानीय भाजपा नेता बाजार से गुजर रहे थे, तब 'राजगढ़ आवाज मंच' के सदस्यों ने उन्हें तख्तियां दिखाकर केंद्रीय विद्यालय को राजगढ़ में ही स्थापित करने की पुरजोर मांग की। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने उनकी मांग पूरी नहीं की, तो आगामी चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इसी विरोध की श्रृंखला में 15 अगस्त को कस्बेवासी एक विशाल तिरंगा रैली निकालेंगे।
8 माह पूर्व आश्वासन पर स्थगित हुआ था आंदोलन
मंच के संयोजक मुकेश जैमन ने बताया कि लगभग 8 माह पूर्व राज्य सरकार के मंत्री संजय शर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष पंडित धर्मवीर शर्मा के आश्वासन के बाद अनशन व आंदोलन स्थगित किया गया था। हालांकि, लंबे समय बाद भी कोई कार्रवाई न होने से क्षेत्रवासियों में गहरा रोष है। इन दिनों सोशल मीडिया पर "केंद्रीय विद्यालय राजगढ़ का हक, इसे लेकर रहेंगे" अभियान जोर-शोर से ट्रेंड कर रहा है।
जानिए क्या है पूरा विवाद
वर्ष 2021 में राजगढ़ उपखंड के नाम से केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत हुआ था। वर्ष 2025 तक इसे गोविंदपुरा में स्थापित करने की प्रक्रिया चली, लेकिन बाद में प्रशासनिक व राजनीतिक खींचतान के चलते राजगढ़ में उपयुक्त भूमि न होने का तर्क दिया गया। इसके विरोध में 31 दिसंबर 2025 तक राजगढ़ के बाजार 8 दिनों तक पूरी तरह बंद रहे और आमरण अनशन किया गया।
आश्वासन के बावजूद काम आगे न बढ़ने पर 'राजगढ़ आवाज मंच' ने राजस्थान उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर की। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रैणी के दलालपुरा में निर्माण कार्य पर अंतरिम रोक (स्टे) लगा दी, जो वर्तमान में भी प्रभावी है।
अब देखना यह होगा कि जनभावनाओं से जुड़ा यह मुद्दा आगामी नगरीय निकायों के चुनावों में क्या मोड़ लेता है।

