‘यह देश है वीर जवानों का...’: देशभक्ति और सावन के तरानों से गूंजा खैरथल, लहरिया उत्सव में झूमे लोग
खैरथल (हीरालाल भूरानी)। इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसायटी के तत्वावधान में 14वां ‘आजादी के तराने’ और तीसरा ‘सावन लहरिया उत्सव’ हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में गूंजे देशभक्ति के तरानों और सावन के मधुर गीतों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
पारंपरिक वेशभूषा और राष्ट्रभक्ति का माहौल
भजनगंज स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित इस कार्यक्रम में सदस्य और अतिथि पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। तिरंगे झंडे लहराते हुए ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। इस दौरान हेम सिंह वर्मा ने रिटायर्ड नेवी ऑफिसर तथा संजीव शर्मा ने स्वामी अग्निवेश की वेशभूषा में प्रस्तुति देकर सभी का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
देशभक्ति और सावन गीतों की महफिल
कार्यक्रम में ‘जिंदगी मौत ना बन जाए’, ‘मेरी आवाज सुनो’, ‘वंदे मातरम्’, ‘मेरे देश की धरती सोना उगले’, ‘होठों पर सच्चाई रहती है’, ‘हर करम अपना करेंगे’, ‘सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा’ और ‘भारत का रहने वाला हूं’ जैसे गीतों ने समां बांध दिया। वहीं सावन लहरिया उत्सव के तहत ‘आज मौसम बड़ा बेईमान है’, ‘घटा छा गई है’, ‘सावन का महीना’, ‘बरसात के मौसम में’ और ‘मेरे नैना सावन भादो’ जैसे गीतों ने बरसात और सावन की फुहारों का जीवंत एहसास कराया।
कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियां और अभिनंदन
जैकलिन, डॉ. शिम्भू शंभू, डॉ. विकास एवं मनीष सक्सेना के गीतों और नृत्य ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा मीना कंजानी, दीपक भार्गव, निखिल माथुर, रेखा मित्तल, कुमकुम जैन, लक्ष्मण हरजानी, नरेंद्र यादव, हेमचंद गहलोत एवं नरेश रतनानी की प्रस्तुतियों को भी खूब सराहा गया।
जिला स्तरीय सम्मान प्राप्त करने पर संस्था की ओर से डॉ. दीपा थदानी का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में रविंद्र माथुर, रिदम गर्ग, मोहन मिश्रा, पूनम मिश्रा एवं नॉबर्ट ने सहयोग किया। अंत में संस्था के पदाधिकारियों ने आगामी 13 सितंबर, रविवार को नए-पुराने गीतों पर आधारित आगामी कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की।

