सफाई कर्मचारियों की तुरंत भर्ती की मांग को लेकर उपाध्यक्ष नेहरू वाल्मीकि ने उठाई जोरदार मांग; विभिन्न समस्याओं को लेकर सोपा ज्ञापन
उदयपुरवाटी (सुमेरसिंह राव)। राजस्थान वाल्मीकि महासभा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने स्वायत्त शासन विभाग की उप निदेशक (प्रशासक) गरिमा शर्मा से मुलाकात कर सफाई कर्मचारियों की विभिन्न ज्वलंत मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। वार्ता के दौरान अधिकारियों का रुख बेहद सकारात्मक रहा, जिसके चलते इस मुलाकात को सफल माना जा रहा है।
- भर्ती में परंपरागत सफाईकर्मियों को मिले प्राथमिकता
महासभा के प्रदेशाध्यक्ष अमित कल्याणा, प्रदेश उपाध्यक्ष नेहरू वाल्मीकि और प्रमुख कर्मचारी नेता सुरेश जैदीया के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में मुख्य रूप से दो मांगें उठाई गईं:
- तुरंत हो भर्ती: स्वायत्त शासन विभाग में लंबे समय से लंबित सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से शुरू किया जाए।
- 2012 के नियमों के तहत मिले प्राथमिकता: सफाई कर्मचारी भर्ती 2012 के प्रावधानों के तहत उन अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाए जो परंपरागत रूप से सफाई कार्य से जुड़े हैं। इसमें रोड स्वीपिंग, सीवरेज व नाला-नाली सफाई, कचरा संग्रहण व परिवहन तथा मृत पशुओं के निस्तारण जैसे कठिन कार्यों में लगे परिवारों के अभ्यर्थियों के साथ-साथ वाल्मीकि और हेला समाज के युवाओं को प्राथमिकता देने की पुरजोर मांग की गई।
उप निदेशक ने दिया सकारात्मक आश्वासन
ज्ञापन सौंपने के बाद प्रतिनिधिमंडल की उप निदेशक प्रशासक गरिमा शर्मा के साथ विस्तृत और बिंदुवार चर्चा हुई। उप निदेशक ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को ध्यान से सुना और विश्वास दिलाया कि इस मांग पत्र पर उच्च स्तर पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी।
गरिमा शर्मा, उप निदेशक (प्रशासक), स्वायत्त शासन विभाग का कहना है कि - "इन मांगों को प्राथमिकता से बोर्ड के सामने रखा जाएगा, ताकि वास्तव में जरूरतमंद और गरीब परिवारों को रोजगार व रोजी-रोटी का साधन मिल सके।"
वार्ता के बाद प्रतिनिधिमंडल ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन का रुख सकारात्मक है और उन्हें उम्मीद है कि समाज के गरीब युवाओं को जल्द ही न्याय मिलेगा।


