गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के लिए भरतपुर में तीन अतिरिक्त ग्रिड सब स्टेशन बनाने की मांग
भरतपुर (विष्णु मित्तल) भरतपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लिए तीन नये विद्युत ग्रिड सब स्टेशन बनाने हेतु समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि विद्युत तंत्र मजबूत होने के बाद भरतपुर में औद्धोगिक विकास, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
गुप्ता द्वारा लिखे गये पत्र में कहा है कि भरतपुर वर्तमान समय में पूर्वी राजस्थान के तेजी से विकसित होते शहरों में शामिल है। जिले में नई आवासीय कॉलोनियों का विस्तार, औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, व्यापारिक प्रतिष्ठानों की संख्या में वृद्धि, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संस्थानों का विस्तार तथा आधारभूत सुविधाओं के निरंतर विकास के कारण विद्युत की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद विद्युत वितरण व्यवस्था का विस्तार अपेक्षित गति से नहीं हो पाया है, जिससे मौजूदा ग्रिडों पर अत्यधिक दबाव बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में भरतपुर शहर की विद्युत आपूर्ति मुख्य रूप से 220 केवी ग्रिड सब-स्टेशनों पर निर्भर है। किसी भी तकनीकी खराबी, रखरखाव कार्य, प्राकृतिक आपदा या आकस्मिक परिस्थितियों में इन ग्रिडों पर अतिरिक्त भार पड़ने से बड़े क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति में आम नागरिकों के साथ-साथ अस्पतालों, पेयजल परियोजनाओं, शैक्षणिक संस्थानों, कृषि कार्यों, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और वैकल्पिक प्रणाली से लैस करना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में सीताराम गुप्ता ने तीन नए ग्रिड सब-स्टेशनों की स्थापना की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि कुम्हेर क्षेत्र में 440 केवी ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किया जाए, जिससे वर्तमान 220 केवी ग्रिडों पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार कम होगा और पूरे भरतपुर क्षेत्र को अधिक विश्वसनीय एवं स्थिर विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी। इसके साथ ही भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की मांग को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा।
उन्होंने जसवंत प्रदर्शनी क्षेत्र में 132 केवी ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित करने का भी सुझाव दिया है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को देखते हुए यह ग्रिड अत्यंत आवश्यक है। इसके स्थापित होने से शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी तथा किसी भी तकनीकी बाधा की स्थिति में बिजली आपूर्ति लंबे समय तक प्रभावित नहीं होगी।
इसके अतिरिक्त इंजीनियरिंग कॉलेज के निकट एमएसजे कॉलेज क्षेत्र में 220 केवी ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित करने का सुझाव दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भविष्य में शिक्षा, उद्योग और आवासीय विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है। ऐसे में यहां उच्च क्षमता वाले ग्रिड की स्थापना से आगामी वर्षों की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने में सुविधा होगी तथा पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था अधिक मजबूत बनेगी।
सीताराम गुप्ता ने कहा कि इन तीनों ग्रिड सब-स्टेशनों की स्थापना केवल बिजली आपूर्ति सुधारने का विषय नहीं है, बल्कि यह भरतपुर के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण कदम है। मजबूत विद्युत अवसंरचना से नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा, निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर बिजली उपलब्ध होगी तथा आम नागरिकों को भी गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत सेवा का लाभ मिलेगा।


