कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या की, भाजपा ने मनाया ‘काला दिवस’
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। भारतीय जनता पार्टी शहर मंडल, मकराना द्वारा गुरुवार को स्थानीय इंदौरा वाटिका स्थित कार्यालय पर 25 जून 1975 को देश में लगाए गए आपातकाल की बरसी पर ‘काला दिवस’ और ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 25 जून 1975 की रात कांग्रेस सरकार ने अपनी सत्ता बचाने के लिए देश पर आपातकाल थोपकर नागरिक अधिकारों को निलंबित कर दिया था और देशभर में लोकतंत्र समर्थकों की भारी गिरफ्तारियां की गई थीं। पूर्व पार्षद ईश्वर बंजारा ने आपातकाल की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 1971 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले और देशव्यापी छात्र आंदोलन से घबराकर इंदिरा गांधी ने तानाशाही का परिचय दिया। मंडल उपाध्यक्ष नोरतराम नायक ने उस दौर की बर्बरता का जिक्र करते हुए कहा कि प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई, विपक्षी नेताओं को जेल में डाला गया और जबरन नसबंदी जैसे अमानवीय कार्यक्रम चलाए गए। भाजपा मंडल अध्यक्ष जे.के. इंदौरा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो कांग्रेसी आज संविधान की बात करते हैं, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि संविधान को निलंबित करने का कलंक उन्हीं के दल के नाम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा लोकतंत्र और निर्वाचित सरकारों का हनन किया है। आज जो लोग न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं, उनका अपना इतिहास लोकतंत्र विरोधी रहा है। महामंत्री कृष्णा दाधीच, मीडिया प्रभारी देवेश स्वामी और किसान मोर्चा के सुरेंद्र जाखड़ ने मीसाबंदियों के संघर्ष को याद किया। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार राष्ट्र की एकता, अखंडता और डॉ. अंबेडकर के संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर धारा 370, सीएए जैसे ऐतिहासिक निर्णयों की चर्चा की गई। कार्यक्रम में अजय सिंह पंवार, मालचंद स्वामी, प्रेम प्रकाश कुमावत, मो. जुबेर, इरफान सिसोदिया, मो. सलीम, लादूराम दमामी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


