नेशनल हाइवे सुरक्षा रेस्क्यू व्हीकल सुविधा का शुभारम्भ; यात्रियों का मिलेगी तत्काल आपातकालीन सहायता एवं बचाव सेवाएं
हलैना (विष्णु मित्तल)। राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटना, वाहन खराब होने या मेडिकल इमरजेंसी के समय यात्रियों और वाहन चालकों को तत्काल आपातकालीन सहायता और बचाव सेवाएं प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की तर्ज पर राजस्थान सरकार ने भी बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा के निर्देशानुसार अब प्रत्येक जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों पर 'नेशनल हाइवे सुरक्षा रेस्क्यू व्हीकल' (पेट्रोलिंग वाहन) सुविधा की शुरुआत की गई है।
भरतपुर जिले में यह सुविधा जयपुर-आगरा नेशनल हाइवे-21 पर ऊंचा नगला से कमालपुरा तक तथा भरतपुर-धौलपुर नेशनल हाइवे-123 पर ऊंचा नगला से धौलपुर जिले की सीमा तक शुरू हो गई है। इससे हाइवे पर सफर करने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को त्वरित जीवन सुरक्षा और आपातकालीन सहायता मिल सकेगी।
- आधुनिक उपकरणों से लैस होंगे वाहन, 24 घंटे रहेगी सेवा
जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा ने बताया कि इन विशेष सुरक्षा रेस्क्यू वाहनों में राहत और बचाव के लिए बेहद आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें हाइड्रोलिक कटर, क्रेन सुविधा, फर्स्ट-एड और ट्रॉमा किट, फायर फाइटिंग सिस्टम, हाई-मास्ट सर्च लाइट और स्ट्रेचर आदि शामिल हैं। यह सुविधा जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-21 और 123 पर 24 घंटे सक्रिय रहेगी और आमजन की मदद करेगी। किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना के समय यात्री एवं वाहन चालक 112 नंबर पर कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
- वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में टीमें तैनात
नेशनल हाइवे सुरक्षा रेस्क्यू व्हीकल के प्रभारी एएसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि भरतपुर रेंज के आईजी कैलाश विश्नोई एवं एसपी राजेश कुमार मीणा के निर्देशन में जिले के चिन्हित रूटों पर इस व्हीकल सुविधा को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। इस व्यवस्था से हाइवे पर होने वाले हादसों के समय घायलों को तुरंत 'गोल्डन ऑवर' में इलाज मिलने में मदद मिलेगी।


