अस्पताल प्रशासन की लापरवाही: लाखों की लागत के बाद भी दवा केंद्रों पर सालभर से ताले, 500 से अधिक मरीज रोजाना परेशान
खैरथल (हीरालाल भूरानी) सरकारी योजनाओं को समय पर धरातल पर उतारने के दावों के बीच खैरथल सेटेलाइट अस्पताल में करीब 10 लाख रुपए की लागत से बने दो दवा वितरण केंद्र पिछले लंबे समय से उद्घाटन और संचालन का इंतजार कर रहे हैं। भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद अब तक इन पर ताले लटके हैं, जबकि अस्पताल में प्रतिदिन पांच सौ से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं और दवा लेने के लिए मरीज लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। इन दवा वितरण केंद्रों का शिलान्यास 11 फरवरी 2025 को जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया गया था।
व्यवस्थित होगी, लेकिन सुविधा शुरू होने से पहले ही यह परियोजना फाइलों और औपचारिकताओं में उलझ गई। नतीजतन लाखों रुपए की सार्वजनिक राशि से निर्मित भवन उपयोग के अभाव में शोपीस बनकर रह गए हैं।
भवन तैयार होने के बावजूद संचालन शुरू नहीं होने के पीछे अलग-अलग वजहें सामने आ रही हैं। सूत्रों का दावा है कि उद्घाटन के लिए जनप्रतिनिधियों के समय का इंतजार किया जा रहा है, जबकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि भवन का हैंडओवर अभी तक नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यदि दोनों दवा वितरण केंद्र शुरू कर दिए जाएं तो दवा वितरण की व्यवस्था सुचारू होगी, भीड़ कम होगी और मरीजों को घंटों लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। लेकिन जिम्मेदार विभाग की धीमी कार्यशैली के कारण जनता को अब भी इस सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है।
नितिन शर्मा, पीएमओ, सेटेलाइट अस्पताल, खैरथल ठेकेदार द्वारा किए गए कार्य में कुछ काम अभी भी बकाया है। भवन का हैंडओवर अभी तक नहीं मिला है, इसलिए संचालन शुरू नहीं हो सका। -


