विकास के नाम पर सबक सिखाने के मूड में मतदाता; RLP की एंट्री से बिगड़े समीकरण, पुराने चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव)
आगामी माह में होने जा रहे नगर पालिका चुनाव 2026 को लेकर उदयपुरवाटी के सभी वार्डों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और धीरे-धीरे चुनावी चौसर बिछने लगी है। इस बार के नगर पालिका चुनाव में जहाँ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने राजनीतिक ज़मीन मजबूत करने के लिए अभी से कमर कस ली है, वहीं निर्दलीय प्रत्याशी भी पूरी ताकत के साथ मैदान में ताल ठोकने को तैयार हैं।
विकास के अभाव में आक्रामक मूड में जनता
पिछले 5 वर्षों के दौरान उदयपुरवाटी के विभिन्न वार्डों में विकास की क्या स्थिति रही, यह बात किसी से छिपी नहीं है। जिन वार्डों में बीते 5 सालों में विकास के नाम पर 'फूटी कौड़ी' भी नहीं खर्च की गई, वहाँ के मतदाता इस बार प्रत्याशियों को अच्छा सबक सिखाने के मूड में दिख रहे हैं। यद्यपि सभी प्रत्याशी विकास के वादों के साथ चुनावी समर में उतरने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जागरूक जनता इस बार पूरी तरह अलग रुख अपनाए हुए है।
चुनावी समीकरण और प्रमुख चुनौतियाँ:
- निर्दलीयों का रहेगा दबदबा: स्थानीय लोगों और रणनीतिकारों का मानना है कि इस बार नगर पालिका में बोर्ड का गठन पूरी तरह निर्दलीय प्रत्याशियों के बलबूते पर ही संभव हो पाएगा।
- RLP की एंट्री से मुकाबला रोचक: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) द्वारा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने की सुगबुगाहट से राजनीतिक समीकरण दिलचस्प हो गए हैं। RLP की एंट्री ने भाजपा और कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
- पुराने चेहरों पर दांव: सूत्रों के अनुसार, दोनों प्रमुख दल जीत की गारंटी के लिए कई पुराने और अनुभवी चेहरों को फिर से मैदान में उतारने की योजना बना रहे हैं।
फिलहाल भाजपा और कांग्रेस की ओर से आधिकारिक टिकटों का आवंटन होना बाकी है, लेकिन प्रत्याशी अभी से मतदाताओं को लुभाने में जुट गए हैं। RLP के दांव और निर्दलीयों के मजबूत रुख ने दोनों पारंपरिक दलों के लिए पालिका में स्पष्ट बहुमत के साथ बोर्ड बनाना बेहद 'टेढ़ी खीर' साबित कर दिया है।

