न पेयजल लाइन, न सफाई व्यवस्था;टीन शेड में गंदगी के बीच अन्नपूर्णा रसोई में खाना खाने को मजबूर लोग
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
शहर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) का कार्यालय खोलने के नाम पर खाली कराई गई अन्नपूर्णा रसोई का मामला प्रशासनिक लापरवाही की मिसाल बन गया है। करीब एक महीने पहले पक्के भवन को खाली कराकर रसोई को आनन-फानन में टीन शेड में शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी एसीबी का दफ्तर शुरू नहीं हो सका है और भवन के मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ है।
सुविधाओं का अकाल, मक्खी-मच्छरों का बोलबाला
पुराने भवन से हटाकर टीन शेल्टर में भेजी गई अन्नपूर्णा रसोई में व्यवस्थाएं पूरी तरह बदहाल हैं:
- गड्ढे में बना शेड: नया टीन शेल्टर सड़क से लगभग 5 फीट नीचे गड्ढे में बनाया गया है, जिससे हल्की बारिश में भी यहां जलभराव हो जाता है।
- पानी की किल्लत: शेल्टर में न तो गंदे पानी की निकासी का कोई इंतजाम है और न ही पीने के पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई गई है।
- बदबू और बीमारियां: टीन शेल्टर के ठीक आसपास गोबर की कुड़ियां (ढेर) लगी हुई हैं। गंदगी के कारण दिनभर मक्खी-मच्छरों का प्रकोप रहता है, जिससे भोजन करने आने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासनिक जल्दबाजी पर उठे सवाल
पक्का भवन खाली पड़ा है और आम जनता बदहाल टीन शेड में खाना खाने को मजबूर है। ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब एसीबी कार्यालय शुरू करने की तैयारियां पूरी ही नहीं थीं, तो रसोई को इतनी जल्दबाजी में क्यों हटाया गया?
प्रशासन का पक्ष:
"एसीबी कार्यालय के लिए भवन आरक्षित किया गया है और दफ्तर शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। अन्नपूर्णा रसोई को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टीन शेल्टर में शिफ्ट किया गया है।"
— अतुल प्रकाश, जिला कलेक्टर

