अलवर में बोरवेल में गिरे 8 वर्षीय मासूम को SDRF ने सकुशल निकाला बाहर: 42 फीट की गहराई में फंसा था बच्चा, 5 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
अलवर (राजस्थान) अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना अंतर्गत ग्राम बूटोली में 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 8 वर्षीय बालक भानू को राज्य आपदा प्रतिसाद बल (SDRF) की टीम ने करीब 5 घंटे के कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
- पतंग उड़ाते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, 31 अगस्त की शाम करीब 6:00 बजे भानू गुर्जर (पुत्र शिशराम गुर्जर) खेलते और पतंग उड़ाते समय खुले बोरवेल में गिर गया था। बोरवेल करीब 300 फीट गहरा था, जिसमें बालक 42 फीट की गहराई पर जाकर अटक गया।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, चिकित्सा विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। बालक तक पाइप के माध्यम से लगातार ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही थी और वह होश में था।
- SDRF की त्वरित कार्रवाई और 'रोप लूप' तकनीक का कमाल
अलवर पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद SDRF एडीजीपी रूपिन्दर सिंघ एवं कमाण्डेन्ट रेवन्त दान (IPS) के निर्देशन में SDRF सी-कंपनी (भरतपुर) की रेस्क्यू टीम सी-05 तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम प्रभारी हैड कांस्टेबल महेश कुमार 9 जवानों और आधुनिक उपकरणों के साथ रात 8:30 बजे मौके पर पहुंचे।
टीम ने बोरवेल कैमरे से बच्चे पर नजर बनाए रखी और खाने-पीने की सामग्री भी पहुंचाई। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्लान-बी के तहत 4 जेसीबी मशीनों से 20 फीट की दूरी पर समानांतर खुदाई भी शुरू कराई गई।
- कांस्टेबल चेतराम को मिली सफलता
कमाण्डेन्ट रेवन्त दान के सुपरविजन में जवानों ने स्वदेशी 'रोप लूप' (रस्सी का फंदा) तकनीक से बच्चे को निकालने का प्रयास जारी रखा। रात करीब 11:00 बजे टीम के कांस्टेबल चेतराम (नं. 914) ने रस्सी के फंदे को बच्चे की कलाई में मजबूती से फंसाने में सफलता हासिल की। इसके बाद धीरे-धीरे खींचकर बच्चे को 42 फीट की गहराई से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बच्चे के सकुशल बाहर आते ही परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को मौके पर मौजूद मेडिकल टीम के साथ अस्पताल भेजा गया।

