नए आपराधिक कानूनों से ग्रामीणों को किया सशक्त: भरतपुर पुलिस ने ग्राम सभाओं में दी BNS, BNSS और BSA की जानकारी
भरतपुर / कौशलेन्द्र दत्तात्रेय
जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं के दौरान जिला पुलिस द्वारा आमजन को नए आपराधिक कानूनों के प्रति जागरूक करने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया गया। जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना (आईपीएस) के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और बीट प्रभारियों ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर नवीन कानूनों की जानकारी दी।
नागरिक-केंद्रित और तकनीक-सक्षम न्याय व्यवस्था
जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने बताया कि 01 जुलाई 2024 से लागू 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS), 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) एवं 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम' (BSA) का मुख्य उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, समयबद्ध और पीड़ित-केंद्रित बनाना है। ग्रामीणों को सरल एवं सहज भाषा में इन कानूनों के तहत प्राप्त अधिकारों और प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।
इन प्रमुख विषयों पर दी गई विस्तृत जानकारी:
- ई-एफआईआर एवं डिजिटल पुलिसिंग: ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने (e-FIR) की प्रक्रिया और तकनीक आधारित पुलिसिंग की सुविधाओं के बारे में बताया गया।
- त्वरित न्याय व फोरेंसिक साक्ष्य: आपराधिक मामलों में समयबद्ध अनुसंधान, त्वरित न्याय, डिजिटल साक्ष्यों का महत्व, गवाहों की सुरक्षा और पीड़ितों के मुआवजे से संबंधित प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया।
- महिला एवं बाल सुरक्षा: महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए पुलिस ने किसी भी अपराध की सूचना तुरंत देने का आह्वान किया।
- साइबर अपराध से बचाव: ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए ओटीपी और बैंकिंग जानकारी साझा न करने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने के सुरक्षा टिप्स दिए गए।
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे नवीन आपराधिक कानूनों में प्रदत्त अपने अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि, साइबर अपराध या महिला-बाल उत्पीड़न की सूचना तुरंत पुलिस को देकर जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।

