प्रयागराज में जमीन के नीचे मिले नकदी से भरे 3 ड्रम: फर्श खोदकर निकाली गई 500-500 के नोटों की गड्डियां, मचा हड़कंप
प्रयागराज / शशि जायसवाल
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में नकदी मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में पुलिस ने एक मकान में छापामारी कर जमीन के नीचे दबे तीन ड्रम बरामद किए हैं। इन ड्रमों के अंदर 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक बरामद नकदी पांच करोड़ रुपये से अधिक की हो सकती है, हालांकि सटीक और आधिकारिक पुष्टि नोटों की गिनती पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने घेराबंदी कर साढ़े चार घंटे तक कराई खुदाई
बुधवार शाम पुलिस को यह गोपनीय सूचना मिली थी कि राकेश यादव उर्फ महाकाल के घर में अवैध रूप से भारी मात्रा में रकम छिपाकर रखी गई है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार और एडीसीपी पुष्कर वर्मा के नेतृत्व में 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर मकान को चारों तरफ से घेर लिया।
कड़ी सुरक्षा के बीच घर के एक कमरे के फर्श की खुदाई शुरू की गई। लगभग साढ़े चार घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान जमीन के भीतर से तीन नीले और स्टील के ड्रम बाहर निकाले गए, जिन्हें काली पन्नी में लपेटकर सुरक्षित रखा गया था। जब इन ड्रमों को खोला गया, तो अंदर नोटों के बंडल देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
थार खरीदने के विवाद से मिला सुराग और चार हिरासत में
चर्चा है कि राजेश उर्फ बबलू यादव लंबे समय तक पुणे में रहा था और कोरोना काल (2020 के लॉकडाउन) के दौरान गांव लौटा था। इसके बाद से उसके पास अचानक आई संपत्ति, जमीन की खरीद और महंगे वाहनों की चर्चाएं होने लगी थीं। बताया जा रहा है कि हाल ही में थार गाड़ी खरीदने को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के बाद पड़ोसियों ने इसकी भनक पुलिस को दी। इसके अलावा, मुंबई पुलिस द्वारा भी चोरी के एक मामले में राकेश यादव की तलाश किए जाने की बात सामने आ रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मकान को पूरी तरह सील कर दिया है और इस सिलसिले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। नोटों की गिनती और मामले की वित्तीय जांच के लिए आयकर विभाग की टीम को भी बुलाया गया है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि यह अकूत धन कहां से आया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

