IAS शिखर अग्रवाल पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का शिकंजा: ACB करेगी विस्तृत जांच, राज्य सरकार ने दी मंजूरी
जयपुर / अनिल कुमार गुप्ता
राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) शिखर अग्रवाल पर अपने पद एवं प्रभाव का दुरुपयोग कर एक निजी कंपनी को अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचाने तथा अपने व परिजनों के नाम पर करोड़ों की बेनामी संपत्तियां अर्जित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 17-ए के तहत राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को विस्तृत जांच व अनुसंधान हेतु पूर्वानुमोदन प्रदान कर दिया है।
समाचार पत्र की खबर और तथ्यात्मक रिपोर्ट से खुला मामला
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक (पुलिस) गोविंद गुप्ता ने बताया कि दैनिक भास्कर (जयपुर संस्करण) में प्रकाशित खबर और उद्योग विभाग से प्राप्त तथ्यात्मक रिपोर्ट का ब्यूरो द्वारा गहन परीक्षण व गोपनीय विश्लेषण किया गया। प्राथमिक पड़ताल में तथ्य सामने आने के बाद प्राथमिक जांच दर्ज कर विस्तृत अनुसंधान का निर्णय लिया गया।
विभिन्न पदों पर रहते हुए पहुंचाया अनुचित लाभ
जांच में सामने आया कि शिखर अग्रवाल ने जिला कलेक्टर (उदयपुर), अध्यक्ष (राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल) और अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए 'अनंता' ब्रांड नाम से होटल व रिसॉर्ट चलाने वाली कंपनी 'गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशकों से कथित आपराधिक मिलीभगत की। आरोप हैं कि उन्होंने बिना जांच के स्वीकृतियां जारी कीं, रिसॉर्ट निर्माण की शर्तों में अनुचित छूट दी और कंपनी को विशेष रियायती आर्थिक पैकेज दिलवाकर राज्य सरकार को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया।
रियायती पैकेज जारी होते ही उसी दिन खरीदी गईं 20 रजिस्ट्रियां
ACB की जांच में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 27 मार्च 2026 को जिस दिन वित्त विभाग द्वारा गोयल फैशंस प्रा. लि. को विशेष रियायती आर्थिक पैकेज जारी किया गया, ठीक उसी तारीख को आईएएस शिखर अग्रवाल ने उदयपुर के बुझड़ा स्थित 'अनंता रिसॉर्ट' में 20 विला की रजिस्ट्री अपने और अपनी पत्नी के नाम करवाई।
बाजार मूल्य से बेहद कम दाम पर खरीदे 36 लग्जरी विला
गोपनीय जांच के अनुसार, आईएएस अग्रवाल ने स्वयं और अपने रिश्तेदारों के नाम पर बाजार दर से नाममात्र की कीमत पर कुल 36 विला खरीदे:
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उदयपुर (बुझड़ा रिसॉर्ट): शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम 10-10 विला (महज 15-15 लाख रुपये प्रति विला)।
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अलवर (अजबगढ़ रिसॉर्ट): स्वयं और पत्नी के नाम 8 विला (16.5-16.5 लाख रुपये), दोनों पुत्रों के नाम 4 विला (15-15 लाख रुपये) तथा सास-ससुर के नाम 4 विला (16.5-16.5 लाख रुपये) में खरीदे गए।
आय से अधिक संपत्ति और बेनामी सौदों पर कसता शिकंजा
प्रथम दृष्टया आपराधिक मिलीभगत, पद का दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मजबूत साक्ष्य मिलने के बाद अब एसीबी आईएएस शिखर अग्रवाल, गोयल फैशंस के निदेशकों तथा इस पूरे गठजोड़ में शामिल अन्य अफसरों व मध्यस्थों की भूमिका की विस्तृत जांच करेगी।

