डीग पुलिस का बड़ा साइबर एक्शन, फर्जी सिम कार्ड सप्लाई करने वाले दो आरोपी फिरोजाबाद और अलवर से दबोचे
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एसीडीसी डॉ. प्रियंका गोपीनाथ के निर्देशन में पुलिस ने फिरोजाबाद और अलवर से दबोचे आरोपी; 34 फर्जी सिम कार्ड पहले ही हो चुके हैं बरामद
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नशे के आदि और जरूरतमंदों की आईडी का दुरुपयोग कर साइबर ठगों को महंगे दामों में बेचते थे सिम, नेटवर्क की गहराई से जांच जारी
डीग / राजस्थान
जिला पुलिस अधीक्षक डीग डॉ. प्रियंका गोपीनाथ के निर्देशन में साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन काउंटरडाउन' के तहत डीग पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए साइबर ठगों को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
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ललित मोहन (पुत्र राजवीर सिंह, उम्र 26 वर्ष, निवासी एस.पी.जी. रोड, एका, थाना एका, जिला फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश) - इसे फिरोजाबाद से गिरफ्तार किया गया। यह पीओएस (POS) के माध्यम से एयरटेल और वोडाफोन कंपनियों की नई सिम जारी करने या पोर्ट कराने की प्रक्रिया का दुरुपयोग कर एक व्यक्ति के नाम पर दो सिम जारी करवाता था। एक सिम ग्राहक को देकर दूसरी अपने पास रख लेता था या आगे बेच देता था।
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वसीम अकरम (पुत्र फजरुद्दीन, उम्र 24 वर्ष, निवासी सालपुर, थाना अरावली विहार, अलवर) - इसे अमोरी टोल के पास से दबोचा गया। यह ललित मोहन और पूर्व में गिरफ्तार आरोपी सूरज बघेला से कम दामों (करीब 700 से 900 रुपये) में फर्जी सिम खरीदकर अलवर, नगर, पहाड़ी, कामां और हरियाणा क्षेत्र के साइबर ठगों को 1500 से 2500 रुपये में सप्लाई करता था।
फर्जीवाड़ा और कार्यप्रणाली का खुलासा
पुलिस अनुसंधान में सामने आया है कि आरोपी नशे के आदी लोगों, पैसों के जरूरतमंदों और अन्य व्यक्तियों की आईडी व अंगूठे के निशान का गलत इस्तेमाल कर सिम कार्ड निकालते थे। इस प्रकरण में पूर्व में भी 34 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए जा चुके हैं। आरोपियों से पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वे अब तक विभिन्न माध्यमों से करीब 250 फर्जी सिम कार्ड अन्य लोगों के नाम पर बेच चुके हैं, जिनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की वारदातों में किया गया है।
पुलिस टीम की कार्रवाई
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थाना डीग कोतवाली प्रथम टीम: सउनि अजय यादव मय जाब्ता द्वारा एटा चौराहे से आरोपी ललित मोहन को दबोचा गया, जिसके विरुद्ध बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं और 66डी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
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थाना डीग कोतवाली द्वितीय टीम: हेड कांस्टेबल राकेश कुमार मय जाब्ता द्वारा अमोरी टोल के पास से आरोपी वसीम अकरम को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस इस पूरे नेटवर्क की अन्य कड़ियों, आर्थिक लेन-देन और संलिप्त अन्य व्यक्तियों की तलाश में जुटी हुई है।

