एनसीआर में बिना वैध पीयूसीसी नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल: 1 अक्टूबर से प्रभावी हुई नई व्यवस्था, परिवहन विभाग ने पंपों पर दी नियमों की जानकारी
भरतपुर (विष्णु मित्तल): राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम), नई दिल्ली के निर्देशों की पालना में 1 अक्टूबर से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (पीयूसीसी) वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन (पेट्रोल-डीजल) नहीं देने की व्यवस्था लागू कर दी गई है। नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए परिवहन विभाग ने क्षेत्रवार निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई है।
अतिरिक्त प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अभय मुदगल ने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत विभागीय निरीक्षकों ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों का दौरा किया। टीम ने वाहन चालकों को सीएक्यूएम के दिशा-निर्देशों से अवगत कराते हुए जागरूक किया।
अधिकारियों ने चालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों का नियमित रखरखाव कराएं, तय प्रदूषण मानकों का सख्ती से पालन करें और समय रहते अधिकृत केंद्रों से वैध पीयूसीसी अवश्य बनवा लें।
परिवहन विभाग के अनुसार, इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य वाहनों से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण को नियंत्रित कर एनसीआर क्षेत्र की आबोहवा को स्वच्छ बनाना है। उन्होंने सभी वाहन स्वामियों से आग्रह किया कि पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने जाते समय असुविधा से बचने के लिए अपने पास वैध पीयूसीसी की प्रति अनिवार्य रूप से रखें।

