अयोध्या में त्रिदिवसीय शरद पूर्णिमा महोत्सव का भव्य शुभारंभ: गणिनीप्रमुख ज्ञानमती माताजी के 93वें जन्मोत्सव और 75वें संयम दिवस पर उमड़े श्रद्धालु
अयोध्या / कमलेश जैन : रायगंज स्थित दिगम्बर जैन मंदिर, बड़ी मूर्ति, अयोध्या में जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के 93वें जन्मोत्सव एवं 75वें संयम दिवस के उपलक्ष್ಯ में त्रिदिवसीय शरद पूर्णिमा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ झंडारोहण के साथ किया गया
सर्वजातीय सम्मेलन और माताजी का संदेश: महोत्सव के प्रथम दिन दिगम्बर जैन सर्वजातीय सम्मेलन का आयोजन तीन सत्रों में किया गया, जिसमें देश भर से लगभग 40 संगठनों के अध्यक्ष और 1000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए
इस अवसर पर पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने अपने आशीर्वचन में आह्वान किया कि "अपनी-अपनी जातियों के संगठनों को सशक्त बनाएं, क्योंकि मजबूत संगठनों से ही समाज की पहचान और अस्तित्व सुरक्षित रहेगा
विभिन्न जातियों के इतिहास और योगदान पर मंथन: सम्मेलन के दौरान अग्रवाल, खंडेलवाल, हुमड़, बघेरवाल, जैसवाल, सेतवाल, चतुर्थ एवं पंचम, खरोआ, पपोरवाड़, वरैया, काम्बोज, कठनेरा, पद्मावती पुरवाल और गोलालारिय सहित विभिन्न जातियों के प्रमुखों ने अपने समाज के इतिहास, वर्तमान जनसंख्या और गौरवशाली परंपराओं पर प्रकाश डाला
माताजी का प्रेरणादायी जीवन और राष्ट्र को योगदान: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के टिवैतनगर ग्राम में जन्मीं गणिनीप्रमुख ज्ञानमती माताजी ने बाल्यकाल में ही गुरु देशभूषण जी महाराज से ब्रह्मचर्य और आचार्य वीरसगर जी से आर्यिका दीक्षा ग्रहण की
युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि महोत्सव के अगले क्रम में 26 अक्टूबर को भगवान ऋषभदेव की बड़ी प्रतिमा का महामस्तिकाभिषेक और विभिन्न अवार्ड समर्पण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे

