जयपुर में रोंगटे खड़े कर देने वाला हत्याकांड: पति ने रॉड से वार कर पत्नी की हत्या की, करवा चौथ पर 2 दिन तक मां के शव के पास बैठे रहे मासूम
जयपुर / राजस्थान
राजधानी जयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र स्थित द्वारकापुरी अपार्टमेंट में एक ऐसा सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। आपसी कहासुनी के बाद पति ने लोहे की रॉड से वार कर अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। खौफनाक बात यह रही कि करवा चौथ के पावन पर्व पर आरोपी पति अपनी पत्नी की लाश और अपने तीन नन्हें-मुन्ने बच्चों के साथ दो दिनों तक कमरे में ही बैठा रहा। शुक्रवार सुबह खुद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देकर आरोपी बच्चों को बंद कमरे में छोड़कर फरार हो गया, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है।
करवा चौथ से एक दिन पहले बुधवार को हुई थी हत्या
थानाधिकारी विक्रांत शर्मा और एसीपी सांगानेर दीपक कुमार खंडेलवाल ने बताया कि मृतका की पहचान 38 वर्षीय लक्ष्मी रेगर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बूंदी की रहने वाली थी। वह अपने पहले पति को छोड़कर अजमेर निवासी आरोपी प्रदीप (42) के साथ लिव-इन में रह रही थी। दोनों पेशे से पेंट-बेलदारी का काम करते थे। बुधवार को करवा चौथ से ठीक एक दिन पहले लक्ष्मी ने व्रत और पूजा का सामान भी खरीदा था, लेकिन उसी दिन किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। गुस्से में आकर प्रदीप ने लोहे की रॉड से लक्ष्मी के सिर पर जानलेवा वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
2 दिन तक लाश के पास भूखे-प्यासे बैठे रहे 3 मासूम बच्चे
हत्या के बाद आरोपी दो दिनों तक कमरे में ही रहा। इस दौरान गुरुवार को करवा चौथ के दिन भी मृतका की लाश कमरे में पड़ी रही और उसके तीन छोटे बच्चे—3 साल की बेटी, डेढ़ साल का बेटा और महज ढाई महीने का दूधमुंहा बच्चा अपनी मृत मां के पास डरे-सहमे बैठे रहे। शुक्रवार सुबह आरोपी ने खुद पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी और कमरे को बाहर से बंद कर बच्चों को अंदर ही छोड़कर भाग निकला।
गली में छिपा बैठा था आरोपी, पुलिस ने मोबाइल लोकेशन से दबोचा
सूचना मिलते ही जब पुलिस द्वारकापुरी अपार्टमेंट की छठी मंजिल पर स्थित कमरे में पहुंची, तो नजारा बेहद हृदयविदारक था। अंदर तीनों मासूम रोते-बिलखते मिले। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर को तुरंत ट्रेस किया और अपार्टमेंट के पास ही एक गली में छिपे आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया। एफएसएल (FSL) टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और शव को महात्मा गांधी अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवाया गया है।
पड़ोसी संभाल रहे मासूमों को, मां-बाप को ढूंढ रही बड़ी बेटी
अपार्टमेंट में रहने वाले पड़ोसी रमेश ने बताया कि आरोपी दो दिनों से दूध या राशन लेने दुकान पर नहीं आया था। फिलहाल तीनों बेबस बच्चों को ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाला एक संवेदनशील परिवार संभाल रहा है। पड़ोसियों ने रोते हुए बच्चों को दूध और खाना खिलाया। इस खौफनाक वारदात से अनजान 3 साल की मासूम बेटी बार-बार पड़ोसियों से अपने माता-पिता के बारे में पूछ रही है, जिससे वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पुलिस दोनों के परिजनों को सूचित कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

