12वां ब्रिक्स संसदीय मंच नई दिल्ली में शुरू: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बोले— "संवाद, सहयोग और नवाचार से ही संभव है वैश्विक चुनौतियों का समाधान"
नई दिल्ली / कोशलेन्द्र दत्तात्रेय। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच, 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में शांति, स्थिरता, आपसी विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देने में संसदों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों को अपनी साझा प्रतिबद्धताओं को ठोस नीतियों, प्रभावी कार्ययोजनाओं और व्यावहारिक परिणामों में बदलने के लिए मिलकर कार्य करना होगा। संसदीय सहयोग के माध्यम से नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना तथा अधिक समावेशी, न्यायसंगत और शांतिपूर्ण विश्व का निर्माण करना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
लोकसभा अध्यक्ष ने भारत की संसद के ऐतिहासिक संविधान सदन में ब्रिक्स सदस्य एवं साझेदार देशों के संसदीय प्रतिनिधियों, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों, राज्य विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारियों तथा सांसदों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सहभागिता लोकतांत्रिक मूल्यों और पारस्परिक सम्मान के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
वैश्विक विकास में ब्रिक्स की बढ़ती भूमिका
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे कर रहा है और वैश्विक घटनाक्रम तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करने की इसकी क्षमता निरंतर बढ़ रही है। ब्रिक्स देश विश्व की लगभग आधी जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में इनकी अहम हिस्सेदारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स राष्ट्राध्यक्षों के सम्मेलन में संयुक्त वक्तव्य को सर्वसम्मति से स्वीकार किए जाने को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
संवाद और सहयोग से ही संभव है समस्याओं का समाधान
आज विश्व क्षेत्रीय संघर्षों, युद्ध, आर्थिक अस्थिरता, व्यापारिक तनाव, आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। इन समस्याओं का समाधान संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने से ही संभव है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संसदें अंतरराष्ट्रीय तनाव को कम करने और वैश्विक चुनौतियों का शांतिपूर्ण समाधान तलाशने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
चार प्रमुख विषयों पर हो रहा मंथन
12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के मुख्य विषय के तहत दो दिनों तक चार प्रमुख स्तंभों— रेजिलिएंस (लचीलापन), इनोवेशन (नवाचार), को-ऑपरेशन (सहयोग) और सस्टेनेबिलिटी (सतत विकास) पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। श्री बिरला ने युवाओं की आकांक्षाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने तथा विकास और पर्यावरण को एक-दूसरे का पूरक बनाने पर भी विशेष बल दिया।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि यह मंच सदस्य देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देगा और जन-केंद्रित विकास के साझा संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा।

