भीलवाड़ा साइकिल क्लब की पर्यावरण व स्वास्थ्य संदेश देती अनूठी पहल; 35 वर्ष की राजकीय सेवा पूरी करने पर अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी को दी यादगार विदाई
भीलवाड़ा / राजकुमार गोयल
अजमेर विद्युत वितरण निगम में 35 वर्षों की लंबी और समर्पित राजकीय सेवा पूर्ण कर अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए रामचंद्र मूंदड़ा को भीलवाड़ा साइकिल क्लब ने बेहद अनूठे और यादगार अंदाज में विदाई दी। पारंपरिक गाड़ियों और कारों की विदाई संस्कृति से हटकर क्लब ने पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देते हुए साइकिलों के काफिले के साथ अपने साथी को उनके निवास स्थान तक पहुँचाया।
ढोल-नगाड़ों की थाप और बैलगाड़ी में सवार परिवार
विदाई का यह दृश्य पूरे शहर में कौतूहल और आकर्षण का केंद्र बना रहा। काफिले में सबसे आगे ढोल-नगाड़ों की गूंज थी, जिसके पीछे फूलों से सजी बैलगाड़ी में सेवानिवृत्त अधिकारी रामचंद्र मूंदड़ा अपने परिवारजनों के साथ सवार थे। उनके साथ-साथ भीलवाड़ा साइकिल क्लब के सदस्यों का साइकिल काफिला मुख्य मार्गों से गुजरता हुआ आगे बढ़ रहा था। जिस रास्ते से भी यह अनूठा जुलूस निकला, वहां आमजन और राहगीर ठिठककर इस अद्भुत नजारे को निहारते और क्लब के इस नवाचार की सराहना करते नजर आए।
स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
भीलवाड़ा साइकिल क्लब के प्रभारी अरुण संतोष मुछाल ने बताया कि आमतौर पर सेवानिवृत्ति पर गाड़ियों का इस्तेमाल होता है, लेकिन क्लब ने एक नया उदाहरण पेश करने की सोच के साथ यह पहल की। उन्होंने कहा कि साइकिल केवल आवागमन का जरिया नहीं, बल्कि निरोगी काया, स्वच्छ पर्यावरण और आपसी आत्मीयता का प्रतीक है।
साइकिलिस्ट्स ने जताई आत्मीयता
इस यादगार अवसर पर भीलवाड़ा साइकिल क्लब के अरुण संतोष मुछाल, मदन खटोड़, राजकुमार अजमेरा, राकेश सक्सेना, निर्मल व्यास, धर्मेंद्र खटोड़, कृष्ण गोपाल जाखेटिया, कैलाश शर्मा, यश झुरानी, जिनेंद्र चौधरी, डॉ. देवेंद्र गोस्वामी, गजानंद गुप्ता, विजय कपूर, योगेंद्र सक्सेना, लीलाराम आडवाणी और कैलाश कास्ट सहित बड़ी संख्या में साइकिल चालकों ने अपनी सहभागिता निभाकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

