लखनऊ का खौफनाक ट्रिपल मर्डर: सरेआम ताबड़तोड़ फायरिंग का वीडियो वायरल, तीन जिंदगियां लील गया चबूतरे का विवाद
लखनऊ (शशि जायसवाल)। राजधानी लखनऊ के सआदतगंज स्थित नौबस्ता के ब्राह्मण टोला में गत 26 अक्टूबर की सुबह हुए दिल दहला देने वाले ट्रिपल मर्डर केस में नया मोड़ आया है। वारदात के दो भयावह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। वायरल वीडियो में आरोपी सरेआम और बेखौफ होकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाता और परिजनों की चीख-पुकार के बीच लोगों को धमकाता हुआ साफ नजर आ रहा है।
वायरल वीडियो ने बयां की वारदात की भयावहता
सामने आए पहले वीडियो में मुख्य आरोपी, पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी ऋषभ शुक्ला उर्फ ऋषि, हाथ में पिस्टल लिए लगातार फायरिंग करता दिख रहा है। परिजनों के गिड़गिड़ाने के बावजूद उसकी हैवानियत कम नहीं हुई। इस दौरान एक व्यक्ति ने हिम्मत दिखाकर आरोपी को पकड़कर जमीन पर गिराने की कोशिश भी की, लेकिन वह छूटकर दोबारा गोलियां चलाने लगा। वहीं, दूसरे वीडियो में आरोपी हाथ में पिस्टल व मैगजीन लहराते हुए घटनास्थल पर मौजूद लोगों को जान से मारने की धमकियां देता दिखाई दे रहा है।
चबूतरे और कार पार्किंग के विवाद ने लिया खूनी रूप
जानकारी के अनुसार, पड़ोसियों के बीच बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनाने और कार पार्क करने को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही थी। 26 अक्टूबर को चबूतरे का निर्माण शुरू होने और गाड़ी खड़ी करने पर बहस बढ़ गई। आरोप है कि कहासुनी के दौरान ऋषभ के पिता राजेश ने सुयश के सिर पर डंडे से वार कर दिया। इसके बाद मचे हंगामे और हाथापाई के बीच ऋषभ ने पिस्टल निकालकर अंधाधुंध गोलियां चला दीं।
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर मौत
इस खूनी गोलीकांड में सचिवालय से सेवानिवृत्त कर्मचारी शिवाजी तिवारी (62), उनके भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी (55) और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी की गोली लगने से दर्दनाक मौत हो गई। एक मामूली पड़ोस के विवाद का इस तरह तीन जिंदगियों की बलि ले लेना हर किसी को सन्न कर गया है।
मुख्य आरोपी समेत 6 गिरफ्तार, जांच जारी
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को मौके से ही धर दबोचा था। मामले में पुलिस ने ऋषभ के पिता राजेश, भाई गिरीश व दिनेश और बहन दिव्या व प्रिया समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। अब तक इस मामले में 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को विवेचना में शामिल कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

