भरतपुर में फर्जी बीमा क्लेम का बड़ा पर्दाफाश: बीमारी से मौत को सड़क हादसा बताने वाला आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)
बीमारी से मृत व्यक्ति की स्वाभाविक मौत को सड़क हादसा बताकर फर्जी तरीके से बीमा क्लेम उठाने के सनसनीखेज मामले में मथुरागेट थाना पुलिस ने एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान डॉ. शशिकांत (36) पुत्र बनवारी निवासी लालपुर (तत्कालीन वरिष्ठ चिकित्सक, सीएचसी नदबई) के रूप में हुई है। आरोपी डॉक्टर पर मामले में फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का गंभीर आरोप है।
टाटा एआईए इंश्योरेंस कंपनी ने दर्ज कराया था मामला
पुलिस के अनुसार, टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की ओर से 14 फरवरी 2026 को मथुरागेट थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, महलपुर चूरा निवासी शिवा के नाम पर 3 जुलाई 2025 को जीवन बीमा पॉलिसी जारी हुई थी, जिसमें उसका भाई रतन सिंह नॉमिनी था। रतन सिंह ने 13 अक्टूबर 2025 को बीमा दावा पेश करते हुए दावा किया कि शिवा की मौत 28 अगस्त 2025 को एक मोटर वाहन दुर्घटना में हुई है।
जांच में खुला राज: तेजाब पीने से हुई थी मौत
बीमा कंपनी द्वारा कराई गई आंतरिक जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। जांच में पता चला कि शिवा बीमा पॉलिसी लेने से पहले ही गंभीर रूप से बीमार था। उसने मई 2025 में तेजाब का सेवन कर लिया था, जिसके बाद उसका लंबे समय तक जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज चला था। बीमारी की इस पूरी सच्चाई और मेडिकल हिस्ट्री को छिपाकर न केवल पॉलिसी ली गई, बल्कि फर्जी कागजात तैयार कर बीमा राशि हड़पने की साजिश रची गई।
4 आरोपी पहले गिरफ्तार, बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस इस मामले में फर्जीवाड़े के मुख्य साजिशकर्ता रतन सिंह, अनिल कुमार, प्रवीण और हेमराज को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब फर्जी पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर शशिकांत को गिरफ्तार कर गहन पूछताछ की जा रही है।
मथुरागेट थाने में मुकदमा नंबर 101/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3) और 61(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। यह पूरी कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र यादव के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी हरलाल मीणा के नेतृत्व में अंजाम दी गई।

