पाली जिले में सरपंच चुनाव मे कहीं बंपर जीत का जश्न तो कहीं महज 3 से 7 वोटों के अंतर से थमी रहीं सांसें,21 साल की स्टूडेंट बनी सरपंच
पाली / बरकत खां
पाली जिले की चार प्रमुख पंचायत समितियों—पाली, रोहट, देसूरी और बाली की ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के चुनाव परिणाम आने के बाद शनिवार को गांवों में जश्न का माहौल रहा। नवनिर्वाचित सरपंचों ने अपने समर्थकों के साथ विजयी जुलूस निकाले और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर व मिठाई बांटकर खुशियां मनाईं। इस चुनाव में जहां कुछ प्रत्याशियों ने रिकॉर्ड तोड़ मतों से जीत दर्ज की, वहीं कई सीटों पर मुकाबला इतना कांटे का रहा कि मतगणना कक्ष में आखिरी पल तक सांसें थमी रहीं।
बड़ी जीत दर्ज करने वाले चेहरे:
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रोहट ग्राम पंचायत: बीना कुमारी ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी निशा कंवर को 1,831 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी। बीना को 2,876 और निशा को 1,045 वोट मिले।
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बाली (बीजापुर): विक्रम सिंह राणावत ने प्रतिद्वंदी शैतान सिंह को 1,780 वोटों के अंतर से हराया।
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बाली (भीटवाड़ा): सुलक्षणा कंवर ने 1,133 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की।
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पाली (गुरडाई): वेर सिंह ने 1,295 वोटों के अंतर से प्रतिद्वंदी को पछाड़ा।
रोमांचक और कांटे के मुकाबले (कम अंतर की जीत):
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देसूरी (सिन्दरली): पुष्पा चौधरी ने महज 3 वोटों के अंतर से कन्या को हराकर बेहद रोमांचक जीत दर्ज की। पुष्पा को 585 और कन्या को 582 वोट मिले।
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पाली (रूपावास): सुगना बंजारा ने 957 वोट पाकर श्रीदेवी पटेल (952 वोट) को 5 वोटों से हराया।
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इसी तरह भारला (बाली) में वसु बाई मात्र 5 वोटों से और दिवाण (रोहट) में विक्रम सिर्फ 7 वोटों के अंतर से विजयी रहे।
21 साल की बीएससी स्टूडेंट भावना बनीं सबसे कम उम्र की सरपंच
इस चुनाव में युवाओं की सक्रिय भागीदारी एक बड़ा आकर्षण रही। देसूरी पंचायत समिति की नवसृजित ग्राम पंचायत गांथी की रहने वाली 21 साल 1 महीने की भावना मेघवाल 225 वोटों के अंतर से जीतकर सरपंच बनी हैं। बीएससी की पढ़ाई कर रहीं भावना जिले की सबसे कम उम्र की सरपंच चुनी गई हैं। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य गांव का समग्र विकास करना और युवाओं को साथ लेकर आगे बढ़ना है। एक तरफ जहां युवा चेहरों ने बाजी मारी है, वहीं जिले की कई पंचायतों में 60 वर्ष की आयु के बुजुर्ग भी सरपंच निर्वाचित हुए हैं, जो अनुभव और जोश के अनूठे संगम को दर्शाता है।

