लक्ष्मणगढ़ में बाजारों में पार्किंग का अभाव और बेतरतीब खड़े वाहनों से लग रहा भारी जाम; एम्बुलेंस तक फंसने से बढ़ी चिंता
लक्ष्मणगढ़ / अलवर / कमलेश जैन
कस्बे में चरमराई यातायात व्यवस्था और रोजाना लगने वाले भीषण जाम के चलते आमजन का जीना मुहाल हो गया है। लक्ष्मणगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में पार्किंग की कोई उचित व्यवस्था न होने और सड़कों पर बेतरतीब वाहन खड़े होने के कारण लोग हर दिन गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। त्योहारी सीजन सिर पर है, ऐसे में यदि समय रहते प्रशासनिक कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।
यह हैं मुख्य समस्याएं और जाम के कारण:
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पार्किंग का अभाव: कस्बे के मुख्य बाजार और बस स्टैंड के पास नगर पालिका द्वारा कोई सुव्यवस्थित पार्किंग स्थल निर्धारित न होना मुख्य जड़ है।
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सड़कों पर कब्जा और भारी वाहन: दुकानों के आगे खड़े होने वाले बड़े ट्रक और कारें रास्ते को संकरा कर देती हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होता है।
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अतिक्रमण व तोड़फोड़ का असर: इस साल जनवरी माह में मालाखेड़ा रोड पर अतिक्रमण के खिलाफ हुई तोड़फोड़ के बाद, तहसील भवन के पास खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय रोड पर वाहन खड़े होने से यहां स्थायी जाम की स्थिति बन गई है।
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आपातकालीन सेवाओं पर संकट: इस भयंकर जाम के बीच कई बार एम्बुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवाएं भी फंस जाती हैं, जिससे बड़ा जोखिम पैदा हो जाता है।
सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा कभी-कभार औपचारिकता निभाते हुए कुछ चालान काटकर इतिश्री कर ली जाती है, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। दीपावली जैसे बड़े त्योहार नजदीक हैं, जिनमें बाजारों में भारी भीड़ उमड़ती है। आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं। यदि अभी से ट्रैफिक कंट्रोल, अस्थाई अतिक्रमण हटाने और पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई, तो न केवल आमजन की मुश्किलें बढ़ेंगी बल्कि व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित होगा। लक्ष्मणगढ़ की जनता अब कोरे आश्वासनों की बजाय प्रशासनिक स्तर पर ठोस और स्थायी कार्रवाई की मांग कर रही है, ताकि त्योहारों के इस सीजन में लोगों को जाम के झंझट से मुक्ति मिल सके।

