पुत्री से दुष्कर्म के आरोपी को 20 वर्ष का कारावास

अलवर (अनिल गुप्ता) विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम संख्या-4, श्रीमती हिंमाकनी गौड ने आरोपी अभियुक्त को अपनी पुत्री से दुष्कर्म का दोषी मानते हुए बीस साल के कठोर कारावास व पचहत्तर हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
विशिष्ट लोक अभियोजक प्रशान्त यादव ने बताया कि प्रकरण में पीड़िता की माता ने एक रिपोर्ट टपूकड़ा थाने में इस आशय की पेश की थी कि उसका पति उसकी नाबालिग बेटी के खाने में नशे की दवाइयां मिलाकर और जान से मारने की धमकी देकर ज़बरदस्ती उसकी नाबालिग बेटी के साथ कई बार दुष्कर्म किया।
तत्कालीन थानाधिकारी भगवान सहाय द्वारा गहन एवं विस्तृत अनुसंधान के पश्चात आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया। अदालत में अभियोजन पक्ष की तरफ से 14 गवाहों को परीक्षित तथा 20 दस्तावेजों को प्रदर्शित करवाया गया। न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देने के उपरांत पॉक्सो अधिनियम के अपराधों के लिए आरोपी को यह सजा सुनाई है।






