साल का पहला चंद्रग्रहण आज करीब 20 मिनट दिखेगा : सूतक भी लगेगा, जाने क्या रहेगा असर
अलवर में 3 मार्च को चंद्रग्रहण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। लोग उलझन में हैं कि ग्रहण का सूतक लगेगा या नहीं। इसको लेकर विद्वानों ने अपनी राय व्यक्त की है। श्री सत्यनारायण पूर्णिमा के दिन ग्रहण के कारण सुबह से ही धार्मिक गतिविधियों में बदलाव देखने को मिला। अलवर के पंडित सत्यनारायण शर्मा ने कहा- अलवर में केवल 15 -20 मिनट ही ग्रहण रहेगा।
उन्होंने बताया- ग्रहण के संदर्भ में शास्त्र कहता है कि खगोलीय दृष्टि से ग्रहण होना प्राप्त नहीं है, यदि ग्रहण आपके स्थान से दिखाई देगा तभी उसका पुण्यकाल और धार्मिक प्रभाव मान्य होगा। यदि ग्रहण दिखाई नहीं देगा तो पुण्यकाल नहीं माना जाएगा।
इसके अलावा यदि किसी स्थान पर सूर्य या चंद्रमा अस्त हो चुका हो और दूसरे देश में ग्रहण चल रहा हो। जहां ग्रहण दिखाई नहीं देगा (जहां अस्त हो चुका है) वहां ग्रहण का पुण्यकाल नहीं माना जाएगा। ग्रहण का पुण्यकाल मतलब होता है स्नान दान जप आदि। ये जानकारी धर्म सिंधु में दी गई है।
अलवर में 15-20 मिनट के लिए ग्रहण लगेगा
भारतीय समय के अनुसार ग्रहण दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इस ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 26 मिनट है। कई स्थानों पर ‘ब्लड मून’ का नजारा भी दिखाई दे सकता है।
अलवर में चंद्रोदय लगभग 6:26 के आसपास होगा और ग्रहण की समाप्ति 6: 47 पर होगी। इस हिसाब से केवल 15 -20 मिनट ही ग्रहण रहेगा। सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि इसका यह मतलब नहीं है कि ग्रहण का असर नहीं होगा। ग्रहण का जो पुण्यकाल निर्धारण किया जाता है। वह ग्रहण के समय से नहीं किया जाता। यह केवल इस बात पर निर्भर करता है कि जहां ग्रहण दिख रहा है। वहां पुण्यकाल मान्य होगा चाहे वह कितना भी हो। इसलिए अलवर में सूतक लगेगा। इस दौरान दान जप आदि किए जा सकते हैं। इसका कई गुना फल मिलता है।
ग्रहण के स्पष्ट काल के समय क्या करें
अलवर के हिसाब से लगभग दोपहर 3:20 बजे चंद्र ग्रहण स्पर्श होगा। इस पर सबसे पहले गंगाजल पानी में डालकर स्नान करें। स्वच्छ वस्त्र पहने। गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र या इष्ट देव का नाम स्मरण या शिव स्त्रोत या विष्णु स्तोत्र ग्रहण काल में कर सकते हैं। इसका जप लाख गुना फल देता है
ग्रहण के मध्यकाल में क्या करें- समय दोपहर 3:20 से लेकर 4.34 के बीच
- 1. मौन रहकर जप या स्त्रोत का पाठ करें
- 2. मानसिक ध्यानकरें
- 3. विष्णु सहस्त्रनाम करें
- 4. शिव पंचाक्षरी मंत्र करें
- 5. चंद्र शांति मंत्र
पूर्ण ग्रहण के समय- समय 4:34 से लेकर 5.33 तक
- 1. गहन साधना करें
- 2. विष्णु /शिव मंत्रजप करें
- 3. इष्ट देव स्मरण करें
- 4. ग्रहण मोक्ष या समाप्ति के समय
समय लगभग 6.47
- 1. पुन: स्नान करें
- 2. घर में गंगाजल का छिड़काव करें
- 3. ताजा भोजन बनाएं
- 4. देव प्रतिमा, पूजा घर स्थल शुद्ध करें
ग्रहण समाप्ति के बाद- समय 6: 47 के बाद
- 1. दान करें
- 2. वस्त्र, चांदी, सोना, दक्षिणा मंदिर के पुजारी को दें
- 3 गाय को चारा
- 4 गरीब जरूरतमंद को भोजन