कल्याण फीस के विरोध में उतरे, अनाज मंडी व्यापारी मंडियों में हड़ताल
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/ कमलेश जैन ) कृषक कल्याण फीस में बढ़ोतरी के विरोध में अब प्रदेश भर सहित कस्बे के अनाज मंडी कारोबारि भी उतर गए हैं। मंडी कारोबारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सरकार कृषक कल्याण फीस में बढ़ोतरी करती है । तो हड़ताल जारी रहेगी।
स्थानीय व्यापार संघ के चेयरमेन बाबूलाल, सुरेंद्र अटोलिया, रामबाबू खंडेलवाल ने बताया कि राज्य सरकार 1 जुलाई से 2 प्रतिशत कृषक कल्याण शुल्क लगाने की बात कह रही है, जिसका मंडी कारोबारी विरोध कर रहे है। मंडी कारोबारियों का कहना है की राज्य सरकार एक ही टर्नऑवर पर 2 तरह की फीस यानि मंडी शुल्क तथा कृषक कल्याण फीस लगाना चाहती है, जो कानून सम्मत नहीं है। ऐसे में मंडी कारोबारियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सरकार उनकी मांग नहीं मानती है तो मंडियों में हड़ताल की जा रही है ।
उन्होंने बताया कि राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार महासंघ की ओर से पूर्व में बैठक आयोजित की गई, जिसमें में मण्डियों के प्रतिनिधि, शामिल हुए। उपस्थित सभी सदस्यों ने रोष व्यक्त किया कि राज्य सरकार कृषक कल्याण के नाम पर कृषि जिंसों के क्रय-विक्रय पर बोझ डाल रही है, जिसका कोई औचित्य नहीं है।
अनिश्चितकाल के लिए व्यापार बंद : मंडी कारोबारियों ने कहा कि यदि सरकार आयातित कृषि जिंसों पर मंडी टैक्स तथा कृषक कल्याण फीस नहीं समाप्त करती है, मोटे अनाज पर 2.25 प्रतिशत आड़त नहीं करती है तथा चीनी पर कृषक कल्याण फीस समाप्त नहीं करती है। तो 2 जुलाई से चलने वाली हड़ताल 5 जुलाई तक राज्य की सभी मंडियों सहित लक्ष्मणगढ़ अनाज मंडी मे भी व्यापार बंद रहेगा। वहीं, आगामी तेल मिल, दाल मिल, आटा मिल, मसाला उद्योग अपने व्यापार बंद रखने का आह्वान करेंगे। और 5 जुलाई के बाद अनिश्चितकाल के लिए व्यापार बंद के लिये राजस्थान खाद्य व्यापार महासंघ द्वारा जो निर्णय होगा वह मान्य रहेगा।

