अलवर में आस्था का अद्भुत संगम: एक ओर जगन्नाथ जी का मेला , दूसरी ओर ताजिया जुलूस
अलवर (अनिल गुप्ता) अलवर शहर में इन दिनों धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। एक ओर जहां भगवान जगन्नाथ जी का भव्य मेला चल रहा है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय की ओर से ताजिए का जुलूस निकाला जा रहा है।
विशेष बात यह है कि इस बार समुदाय के लोगों ने आपसी सहमति से ताजिए का जुलूस रात के समय निकालने का निर्णय लिया।जिससे शहर में किसी भी प्रकार की धार्मिक टकराव या अव्यवस्था की संभावना न रहे।
ताजिए का जुलूस नंगली सर्किल से प्रारंभ हुआ, जो भगत सिंह सर्किल पर पहुंचकर अन्य छोटे-बड़े ताजियों के साथ एकत्रित हुआ। यहां से समस्त ताजिए एक साथ जेल चौराहे की ओर बढ़े, जहां पर इन्हें परंपरा के अनुसार दफन किया गया।
ताजिया जुलूस मोहर्रम के अवसर पर निकाला जाता है और यह हजरत इमाम हुसैन की शहादत की स्मृति में श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। शहर की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल इस आयोजन में साफ झलकती है। प्रशासन ने दोनों धार्मिक आयोजनों के मद्देनजर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से जगह-जगह सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। यातायात को नियंत्रित रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, वहीं सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।