राजकीय विद्यालय का मामला: छात्र को 100 रुपए का लालच देकर तालाब से मछली मंगवाता था टीचर, जिला शिक्षा अधिकारी ने किया निलंबित
वायरल वीडियो में छात्र ने मछली पकड़ने की स्वीकारी बात, जांच कमेटी गठित
भरतपुर. (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) बयाना ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जैसोरा में पदस्थापित शिक्षक मजीद खान को छात्र द्वारा तालाब से मछली मंगवाना भारी पड़ गया।इस मामले में छात्र का वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्र कुमार गोपालिया ने सख्त रुख अपनाते हुए शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में शिक्षक मजीद खान का मुख्यालय सीबीईओ कार्यालय भुसावर किया गया है।
नांनवेज खाने का शौकीन शिक्षक मजीद खान छात्र को तालाब से मछली लाने के लिए 100 रुपए का लालच देता था। सीबीईओ बयाना रामलखन खटाना ने बताया कि शिक्षक मजीद खान ने विधालय के ही एक छात्र को गांव के तालाब पर भेजकर मछली लाने के लिए मजबूर किया था। यह सिलसिला काफी दिनों से चल रहा था। ग्रामीणों की शिकायत पर जब विधालय प्रधानाचार्य ने छात्र से पूछताछ की तो उसने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर दी।
छात्र ने यह भी बताया कि मजीद खान हर चार दिन में उसे तालाब पर भेजकर मछली मंगवाता था। इस घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें छात्र शिक्षक द्वारा मछली मंगवाने की बात को स्वीकार कर रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने विधालय पहुंचकर इस घटना को लेकर आक्रोश जताया। जिस पर सीबीईओ ने पूरे मामले से जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया। जिला शिक्षा अधिकारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शिक्षक मजीद खान के निलंबन आदेश जारी कर दिए।
सीबीईओ खटाना ने बताया कि इससे पहले भी ग्रामीणों ने शिक्षक मजीद खान के खिलाफ कक्षा में सोने की भी शिकायतें दी थी।इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। जांच कमेटी में यादगणेश गाजीपुर के प्रधानाचार्य, सीबीईओ कार्यालय के रिसोर्स पर्सन उमेश सिंह तंवर एवं वरिष्ठ सहायक विश्वेंद्र शर्मा को शामिल किया गया है।
जब इस मामले कि जानकारी के लिए संबन्धित विद्यालय के प्रधानाचार्य बच्चन सिंह से पत्रकार ने दूरभाष द्वारा सम्पर्क किया तो बात को टालते हुए बताया कि यह आपसी मेटर है, मै इसके बारे मे कुछ नही कह सकता जिसके बाद उन्होने फोन को काट दिया।
DEO कार्यालय की ओर से कहा गया कि शिक्षकों की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, गांव में इस घटना को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि शिक्षक अगर इस तरह के कृत्य करेंगे तो बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा?


