भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गौरव कपूर ने सभी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों एवं सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों को निर्देशित किया है कि जिले में मानसून का दौर चल रहा है। इसे देखते हुए सभी चिकित्सालयों में मौसमी बीमारियों पर रोकथाम, जांच एवं उपचार के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। ताकि मौसमी बीमारियों के केस नियंत्रण में रहें।
सीएमएचओ ने बताया कि विगत वर्ष मौसमी बीमारियों पर प्रभावी रोकथाम की गई थी, जिसके चलते केसों की संख्या कम रही और मौतें भी नगण्य रहीं। इस वर्ष भी माकूल प्रबंधन करते हुए मौसमी बीमारियों के प्रसार पर नियंत्रण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी आवश्यकता है, तत्काल अवगत कराएं। अस्पतालों में दवाओं की समुचित उपलब्धता और जांच उपकरणों की क्रियाशीलता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मौसमी बीमारियों के बारे में नियमित रूप से रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए। साथ ही खण्ड स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
अधिकारी फील्ड में एक्टिव रहें - सीएमएचओ ने कहा कि सभी अधिकारी फील्ड में एक्टिव रहकर स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। चिकित्सा संस्थानों में जांच एवं उपचार की व्यवस्थाओं में किसी तरह की कमी नहीं रहे। दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता हो और स्टाफ अनुपस्थित नहीं रहे।
स्वास्थ्य विभाग की आमजन से अपील - सीएमएचओ ने मौसमी बीमारियों के संक्रमण के समय में विभाग ने अभियान चलाकर आवश्यक गतिविधियां तेज करते हुए आमजन से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और मच्छरों को पनपने न दें। गमले, कूलर, कबाड़, टायर आदि में पानी एकत्रित बिल्कुल न होने दे। आसपास में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। झाड़ झखड़ हो तो उसे तुरंत हटवाए। आमजन इन दिनों पूरी बाजू के कपड़े पहनें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
घर के आस-पास मच्छर मारने वाली दवा का छिडकाव करवाएं। विभाग के साथ कदमताल करते हुए जागरूक बनकर अपने घरों को मच्छरों से मुक्त बनाये, विभाग आपके सहयोग के लिए हरवक्त तैयार है। अस्पतालों में उपचार की पूरी व्यवस्था है किसी भी तरह का बुखार आने पर तत्काल चिकित्सालय में जाकर चिकित्सक की सलाह पर पूर्ण जांच-उपचार लें।
पर्याप्त इंतजाम, जांच किट की नहीं रहे कमी - सीएमएचओ ने सभी सीएचसी एवं पीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिए कि अधिकारी मौसमी बीमारियांे के उपचार के लिए सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तक पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करें। पर्याप्त मात्रा में जांच किट एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि मलेरिया, डेंगू सहित अन्य मौसमी बीमारियों के पॉजिटिव केस पाए जाने पर संबंधित क्षेत्र में निर्धारित प्रोटोकॉल अनुसार सभी गतिविधियां सुनिश्चित की जाएं। स्प्रे का छिड़काव एवं फोगिंग नियमित रूप से करवाई जाए।