संगम विश्वविद्यालय में “एनईपी सारथी” के तहत एनईपी जागरूकता कार्यशाला एवं एनईपी 2020 दिवस का आयोजन
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उसकी प्रमुख पहलों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से, संगम विश्वविद्यालय में यूजीसी के दिशानिर्देशों के अनुरूप दिनांक 29 जुलाई 2025 को “एनईपी सारथी” पहल के अंतर्गत एनईपी जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर एनईपी 2020 दिवस भी उत्सवपूर्वक मनाया गया!कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. के. के. शर्मा, निदेशक – आईक्यूएसी के उद्घाटन वक्तव्य से हुआ, जिसमें उन्होंने "एनईपी सारथी" कार्यक्रम का परिचय देते हुए बताया कि संगम विश्वविद्यालय के 6 छात्रों का चयन इस प्रतिष्ठित पहल में हुआ है।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में एनईपी 2020 की जानकारी देना एवं उन्हें इसकी पहलों के क्रियान्वयन हेतु प्रेरित करना है।मुख्य वक्ता प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) करुणेश सक्सेना ने एनईपी 2020 द्वारा लाए गए परिवर्तन एवं सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा के चार प्रमुख स्तंभ – सार्वजनिक भागीदारी, समावेशन, गुणवत्ता और नवाचार – को रेखांकित करते हुए कौशल-आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।इसके उपरांत माननीय कुलपति महोदय प्रो. (डॉ.) मानस रंजन पाणिग्रही ने डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में एनईपी 2020 द्वारा प्रस्तुत अवसरों और नवाचारों पर अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम का समापन प्रो. (डॉ.) प्रीति मेहता, डीन – छात्र कल्याण द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने यूजीसी द्वारा विकसित किए गए प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स एवं नीतियों की जानकारी दी जो उच्च शिक्षा संस्थानों में एनईपी 2020 को लागू करने में सहायक हैं!कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्वेता बोहरा, संकाय समन्वयक एनईपी सारथी द्वारा किया गया।

