रिश्वत लेने वाले तहसीलदार व दलाल को जेल भेजा: जमीन नामांतरण की एवज में मांगी थी 5 लाख रुपए की रिश्वत, 1.50 लाख घूस लेते किया था गिरफ्तार
अलवर में 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेने पर तहसीलदार और दलाल को जेल भेज दिया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अलवर की टीम ने गोविंदगढ़ में तहसीलदार को दलाल के जरिए रिश्वत लेते मंगलवार को पकड़ा था। वसीयत के आधार पर जमीन का नाम बदलने के लिए तहसीलदार ने 5 लाख रुपए मांगे थे। वहीं 3.50 लाख रुपए में डील तय हुई थी।
अलवर कोर्ट ने गोविंदगढ़ तहसीलदार बसंत कुमार परसोया और दलाल रवि उर्फ रिंकू को रिश्वत के मामले में 30 मार्च तक जेल भेज दिया।
- वसीयत के आधार पर जमीन नाम कराने के बदले मांगी रिश्वत
पुलिस उपाधीक्षक शब्बीर खान ने बताया था कि परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे अपनी ताईजी की वसीयत के आधार पर जमीन खुद के नाम करवानी थी। पटवारी और ग्राम पंचायत चिड़वाई के सरपंच ने वसीयत रजिस्टर्ड न होने का हवाला देकर मामला अटका दिया था। परिवादी ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) के न्यायालय में अपील की, जहां से 3 दिसंबर 2025 को उसके हक में आदेश जारी हुआ। जब परिवादी ने यह आदेश तहसीलदार बसन्त कुमार परसोया को सौंपा, तो उन्होंने काम करने के बदले अपने दलाल रवि उर्फ रिंकू के माध्यम से 5 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की।
- 3.50 लाख रुपए तय हुई रकम
एसीबी ने 13 मार्च को शिकायत का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान सामने आया कि आरोपी तहसीलदार ने दलाल के कहने पर ग्राम सिरमौर स्थित एक निजी फार्म हाउस पर परिवादी से मुलाकात की। यहां रिश्वत की राशि 3.50 लाख रुपए में तय हुई।
- पहली किश्त देते समय ही पकड़ा
उप महानिरीक्षक पुलिस (IV) अनिल कयाल के सुपरविजन और एसीबी अलवर प्रथम के प्रभारी शब्बीर खान (डीएसपी) के नेतृत्व में दलाल रवि उर्फ रिंकू ने को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1.50 लाख रुपये प्राप्त करने पर अरेस्ट कर लिया। उसके बाद तहसीलदार को भी गिरफ्तार कर लिया था। अब दोनों को अलवर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।