डाक - विभाग ने अपनी 50 साल से अधिक पुरानी प्रतिष्ठित सेवा को की समाप्त करने की घोषणा
नई दिल्ली (कमलेश जैन) भारतीय डाक विभाग आज भी हमारी चिट्ठी पत्री पहुंचाने का सबसे किफायती और भरोसेमंद साधन है। लेकिन इसके अलावा इसकी एक और सर्विस जो बहुत काम की है। इंडिया पोस्ट की रजिस्ट्री सर्विस. इसकी पहली खूबी ये है कि इसकी पहुंच देश के हर कोने में है। मतलब जहां ना पहुंचे रवि, वहां पहुंचे कवि वाला मामला जॉब ऑफर से लेकर लीगल नोटिस और सरकारी फरमान के लिए इससे भरोसे की कोई दूसरी सर्विस नहीं है। दूसरा ये सर्विस बेहद किफायती है।
भारतीय डाक विभाग ने इस सेवा को अपनी महंगी स्पीड पोस्ट सेवा में विलय करने का आदेश जारी कर दिया है। अब हर पार्सल या कागज पत्री पर दोगुना 'लगान' देना होगा।, अब तक जो 20 ग्राम का पार्सल लगभग 26-27 रुपये में रजिस्ट्री हो जाता था, उसे स्पीड पोस्ट से भेजने के लिए 41 रुपये चुकाने होंगे, जो लगभग 75 फीसदी ज्यादा हुआ।
डाक विभाग के उप महानिदेशक (मेल) दुष्यंत मुदगिल द्वारा देश के सभी पोस्टमास्टरों को भेजे गए पत्र के अनुसार, यह कदम परिचालन दक्षता बढ़ाने और सेवाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए उठाया गया है। विभाग का दावा है कि एक ही तरह की दो सेवाओं (रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट) को चलाने में दोगुने मैनपावर का इस्तेमाल हो रहा था । इस विलय से ट्रैकिंग तंत्र बेहतर होगा और ग्राहकों को अधिक सुविधा मिलेगी।
मतलब जेब पर असर पड़ेगा लेकिन दूसरी तरफ इसी जेब से अब पार्सल या दूसरी सर्विस का पेमेंट करने पर आसानी होने वाली है। पोस्ट ऑफिस की सेवाओं में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जहां अब डिजिटल पेमेंट की सुविधा उपलब्ध होगी। डाक विभाग नया आईटी सिस्टम और एप्लिकेशन लागू करेगा, जिससे UPI के माध्यम से भुगतान किया जा सकेगा। डाकघर अपने आईटी सिस्टम को अपग्रेड कर रहा है। इसके बाद पोस्ट ऑफिस में भी UPI पेमेंट के जरिए भुगतान कर पाएंगे। इससे रुपए का भुगतान करने में काफी सुविधा मिलेगी।