शिक्षा विभागः भ्रष्टाचार-अश्लीलता में लिप्त तो घर पर चस्पा होगी रिपोर्ट
शिक्षा मंत्री बोले- ऐसे शिक्षक-कर्मचारी की करतूत उनके परिवार को लगेगी पता
जयपुर (राजस्थान) शिक्षामंत्री ने भ्रष्टाचार, अश्लीलता और एसीबी से जुड़े गंभीर मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि दोषी पाए गए अधिकारी/कर्मचारियों के घरों के बाहर जांच प्रकरण की रिपोर्ट चस्पा की जाएगी, ताकि उनके परिवार और समाज को भी उनकी करतूतों की जानकारी हो। शिक्षा संकुल में मंगलवार को विभागीय लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने ये निर्देश दिएँ।
शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार और अश्लीलता करने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगा। अब दोषियों पर कार्रवाई करने के साथ ही जांच रिपोर्ट को उनके घर के बाहर लगाया जाएगा। इससे उनकी करतूत उनके परिवार और रिश्तेदारों को पता चल सके।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मंगलवार को इस फैसले पर मुहर लगाई। वे शिक्षा संकुल सभागार में विभागीय लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक ले रहे थे। वहीं, मीडिया से बातचीत में दिलावर ने कांग्रेस पर निशाना साधा। मंत्री ने कहा- विधानसभा सत्र में कांग्रेस को उसकी औकात बता देंगे।
परिवार को पता लगेगी करतूत -
- भ्रष्टाचार, अश्लीलता और ACB से जुड़े गंभीर मामलों पर दिलावर ने कहा- दोषी पाए गए अधिकारी और कर्मचारियों को छोड़ा नहीं जाएगा। दोषियों पर कार्रवाई होगी।
- यही नहीं, उनके घर के बाहर जांच प्रकरण की रिपोर्ट भी चस्पा की जाएगी। ताकि उनके परिवार को भी उनकी करतूतों का पता लगे।
- बैठक में शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करने का निर्देश दिया।
जनता ने कांग्रेस को बता दी औकात
- पंचायत चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर दिलावर ने कहा- पंचायत चुनाव को लेकर कोर्ट का जो भी आदेश है। हमारे विधि विशेषज्ञ उसका अध्ययन करेंगे। उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
- कांग्रेस के नेताओं की ओर से आरोप लगाने पर वे बोले- जनता ने उन्हें उनकी औकात बता दी है। ये लोग कुछ भी कह सकते हैं। उनकी बातों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
- दिलावर ने कहा- हम विधानसभा सत्र में भी इन्हें अच्छे से फेस करेंगे, जैसे अब तक करते आए हैं। इन्हें इनकी औकात भी बता देंगे कि जनता ने जनादेश क्या दिया है।
- इसके अलावा कुछ मामलों का मौके पर ही निस्तारण करते हुए डेपुटेशन पूर्ण कर चुके अधिकारियों को तुरंत वापस बुलाने और 20 सितंबर तक स्टाफिंग पैटर्न पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।