मृदा एवं जल संरक्षण पर तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण सम्पन्न
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) वन विभाग, भरतपुर द्वारा राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजनाके अंतर्गत मृदा एवं जल संरक्षण विषयक तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण 19 से 21 अगस्त तक आयोजित किया गया ।
समापन अवसर पर मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ, भरतपुर) ने कहा कि मृदा एवं जल संरक्षण वनों की जीवन रेखा है। उन्होंने बताया कि इन उपायों से मिट्टी का क्षरण रुकता है, भू-जल स्तर में सुधार होता है और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित होता है। साथ ही प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले वनकर्मियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इस अवसर पर उप वन संरक्षक भरतपुर ने कहा कि मृदा एवं जल संरक्षण संरचनाएँ फील्ड स्तर पर अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती हैं। उन्होंने बताया कि फील्ड अभ्यास से प्राप्त अनुभव विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को और अधिक बढ़ाएगा।
प्रशिक्षण का स्वरूप एक दिवसीय सैद्धांतिक सत्र एवं दो दिवसीय फील्ड प्रशिक्षण पर आधारित रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने मैदानी परिस्थितियों में आने वाली चुनौतियों एवं उनके समाधान पर व्यावहारिक अभ्यास किया। इस प्रशिक्षण का संचालन वन विभाग, जयपुर से सलाहकार सदस्य श्री योगेश गुप्ता द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को लूज स्टोन चेक डैम, गैबियन एनिकट एवं अडोबी व मिट्टी के चेक डैम जैसी संरचनाओं की डिज़ाइन तकनीक एवं निर्माण पद्धति पर विस्तार से जानकारी दी।