इंटरनेट युग में पुस्तक व पुस्तकालय का महत्व " -- संवाद व परिचर्चा पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
राजगढ़ (अलवर) अनिल गुप्ता
कस्बे के माचाड़ी चौक पर स्थित पंचायती पुस्तकालय एवं वाचनालय में इंटरनेट युग में पुस्तक व पुस्तकालय का महत्व " -- संवाद व परिचर्चा पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता पंचायती पुस्तकालय के अध्यक्ष एडवोकेट भूपेन्द्र शर्मा ने की इस अवसर पर मुख्य वक्ता राजकीय महा विद्यालय के प्राचार्य,देवदीप मुखर्जी, योगेश वशिष्ठ ने पुस्तक एवं पुस्तकालय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इंटरनेट और शैक्षिक संसाधन प्रदान करने, शांत अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने और डिजिटल दुनिया में सूचना साक्षरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डिजिटल संसाधनों के साथ-साथ, भौतिक पुस्तकें ज्ञान और साक्षरता के प्रति बच्चों में आजीवन रुचि पैदा करने का एक अनूठा अनुभव प्रदान करती हैं मुखर्जी ने कॉलेज एवं स्कूलों में इस प्रकार की संगोष्ठी करके पुस्तक को पढ़ने का माहौल बनाने का सुझाव दिया तथा समय के अनुसार स्ट्रीट लाइब्रेरी स्थापित करने के कॉन्सेप्ट को भारत में लागू करने पर जोर दिया।
पुस्तकालय के वरिष्ठ उपाध्यक्ष खेम सिंह आर्य ने विशेष रूप से पुस्तक के साथ आज की आवश्यकता के अनुसार इंटरनेट के महत्व पर प्रकाश डाला ओर पुस्तक एवं इन्टरनेट को एक दूसरे के पूरक बताया ओर कहा की आधुनिक युग में दोनों का महत्व हैं इनमें से किसी भी एक को आज की जरूरत के हिसाब से अलग नहीं किया जा सकता हैं।
इस अवसर पर अमरचंद सिद्ध, अजय कुमार शर्मा, भगवान शर्मा, महेश शर्मा, नवल शर्मा, अनील शर्मा, फूलचन्द, पूरण जैमन सहित अन्य लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन किशोर मुखर्जी ने किया अंत में पुस्तकालय अध्यक्ष एडवोकेट भूपेन्द्र शर्मा ने सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
