गोचर भूमि पर अतिक्रमण: पूर्व में कई बार जिला कलक्टर को शिकायत लेकिन कार्यवाही नहीं
गुरला:-(बद्रीलाल माली )भीलवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत कारोई एवं जिले में हो रहे चरागाह/गौचर भूमि पर अतिक्रमण के संबंध में गैर सरकारी संस्था पब्लिक पावर एंड अवेयरनेस सोसायटी द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय में पेश याचिका पर उच्च न्यायालय ने जिला कलेक्टर भीलवाड़ा को 6 सप्ताह में कानून के अनुसार निर्णय लेने एवं कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया है,
पूर्व में कई बार जिला कलक्टर को शिकायत लेकिन कार्यवाही नहीं
संस्था के अधिवक्ता मुकेश कुमार शर्मा एवं कुमारी लक्ष्मी ने बताया की संस्था द्वारा कारोई ग्राम पंचायत एवं भीलवाड़ा जिले गोचर भूमि पर अतिक्रमण हटाए जाने के संबंध में सामाजिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जिला कलेक्टर भीलवाड़ा को पूर्व में कई बार प्रार्थना पत्र पेश किये, लेकिन जिला कलेक्टर भीलवाड़ा द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई,
जिला कलक्टर द्वारा कार्यवाही नहीं करने से उच्च न्यायालय में याचिका पेश
जिला कलक्टर द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं करने से व्यथित होकर संस्था द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका पेश की गई, उक्त याचिका एसबी सिविल रिट पिटिशन नंबर 16275/2025 में दिनांक 28.08.2025 को आदेश पारित करते हुए परिवादी संस्था को 4 सप्ताह के भीतर राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश की कॉपी के साथ साथ एक नया आवेदन पेश करने को कहा हे, ओर साथ ही न्यायालय ने संबंधित अथॉरिटी अर्थात राजस्थान राज्य जरिए सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जिला कलेक्टर भीलवाड़ा को संस्था की ओर से नया प्रार्थना पत्र पेश करने पर 6 सप्ताह में कानून के अनुसार उस प्रार्थना पत्र पर निर्णय लेने एवं कार्यवाही करने हेतु आदेशित किया है,
उच्च न्यायालय के फैसले से किसानों एवं पशुपालकों में खुशी कि लहर - उच्च न्यायालय के इस आदेश से सैकड़ों पशुपालकों एवं किसानों ने खुशी जताई है कि शायद उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद एक बार फिर पशुओं हेतु आरक्षित चरागाह/ ओरण भूमि दबंगों के कब्जे से मुक्त हो सकेगी!