मुख्यमंत्री की सौगात लेने जा रही है मूर्तरूप: मधुमक्खी पालकों के लिए मईगूजर गांव में 10 करोड़ की लागत से बनेगा एक्सीलेंस सेन्टर
प्रशिक्षण प्रसंस्करण तथा शहद जांच के लिए बनेगी आधुनिक लैब
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) मधुमक्खी पालन का कार्य करने वाले किसानों एवं युवाओं को आधुनिक एक्सीलेंस सेन्टर की सौगात शीघ्र साकार होने जा रही है। इसके लिए सेवर पंचायत समिति के ग्राम मईगूजर गांव में 9.83 हैक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। इस सेन्टर पर मधुमक्खी पालन, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण तथा शहद गुणवत्ता की जांच के लिए आधुनिक लैब स्थापित की जायेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा 2025 में भरतपुर जिले में मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाने की घोषणा की थी। इस मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित होने के बाद ज़िले में, सेवर, उच्चैन, नदबई तथा कुम्हेर पंचायत समितियों के साथ साथ संभाग के अन्य क्षेत्रों के मधुमक्खी पालकों को तकनीकी प्रशिक्षण, शहद प्रसंस्करण तथा विपणन में भी इसका सीधा लाभ मिल सकेगा। केन्द्र पर शहद की गुणवत्ता की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय प्रयोगशाला भी खोला जाना प्रस्तावित है ताकि शहद उत्पादकों के उत्पादित शहद की स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्ता जांच की जा सके। इसके मधुमक्खी पालकों को अपने शहद का उचित मूल्य मिल सकेगा। मधुमक्खी पालकों द्वारा उत्पादित शहद के स्थानीय स्तर पर ही शहद प्रसंस्करण हेतु उच्च स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किए जाने का प्रावधान भी इस केन्द्र प्रस्तावित है। यह मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र भरतपुर जिले तथा आस-पास के सभी मधुमक्खी पालकों के लिए लाभदायक साबित होगा।
संयुक्त निदेशक उद्यान योगेश कुमार शर्मा ने बताया कि भवन निर्माण हेतु राज्य सरकार द्वारा आवंटित 9.83 हेक्टेयर भूमि में स्थान चयन तथा भवन के मानचित्र इत्यादि को अंतिम रूप देने के लिए गुरूवार को उद्यान आयुक्तालय की टीम ने मौका निरीक्षण किया। टीम में आयुक्तालय से संयुक्त निदेशक उद्यान हिम्मत सिंह शेखावत, उप निदेशक उद्यान गोविन्द श्रीवास्तव तथा उप निदेशक उद्यान हुकमाराम शर्मा शामिल रहे। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया और गांव मई- गूजर में आवंटित भूमि का अवलोकन और भ्रमण किया गया। इस अवसर पर उप निदेशक उद्यान जनक राज मीणा, अधिशाषी अभियंता कृषि विपणन बोर्ड पारसमल जैन उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि प्राथमिक रूप से उत्कृष्टता केंद्र के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा चुका है और भवन का मानचित्र स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य शुरू करने हेत निर्धारित प्रक्रिया चालू कर दी जाएगी।
ये सुविधाऐं होंगी विकसित-
संयुक्त निदेषक उद्यान ने बताया कि प्रथम चरण में प्रशासनिक भवन, किसानों के प्रशिक्षण के लिए मूलभूत सुविधाएं, मधुमक्खियों के लिए पूरे वर्ष फ्लोरा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकतानुसार पौधों का रोपण, जल संग्रहण हेतु फार्म पोंड का निर्माण तथा परिसर के लिए चारदीवारी निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शुरू कराने तथा काम को गति प्रदान करने के लिए एक अधिकारी का पदस्थापन करने के साथ अन्य कार्मिकों का पदस्थापन किया जाएगा।
किसानों ने किया स्वागत-
प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह कुंतल के नेतृत्व में किसानों ने आयुक्तालय के अधिकारियों से मिलकर उनका सम्मान किया। राज्य सरकार द्वारा भरतपुर जिले में स्थानीय स्तर पर ही मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र खोले जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 3 हजार 500 किसानों ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि भरतपुर जिला एनजीटी तथा एनसीआर में होने के कारण अधिकांश उद्योग स्थापित करने में बहुत बाधाओं का सामना करना पड़ता है। इस मधुमक्खी पालन केन्द्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाए। मधुमक्खी पालन, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण तथा शहद गुणवत्ता की जांच की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि प्रशिक्षण तथा प्रसंस्करण के माध्यम से हजारों किसानों को रोजगार मिल सके और शहद उत्पादकों को भी इससे आर्थिक लाभ मिल सके।