तखतगढ़ में पुराने पेड़ को काटे जाने की आशंका, जागरूक नागरिकों ने किया विरोध
तखतगढ़ (बरकत खान) कस्बे के मुख्य बाजार स्थित पुराने बस स्टैंड परिसर में वर्षों से खड़ा विशाल सड़ का पेड़ इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पेड़ कस्बे की पहचान के साथ-साथ लोगों के लिए छांव और सुकून का प्रतीक माना जाता है। रोजाना यहां वरिष्ठ नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि चौपाल जमाकर बैठते हैं, जिससे यह स्थान सामाजिक और जनचर्चा का केन्द्र बना रहता है।
स्थानीय नागरिकों को आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व इस ऐतिहासिक पेड़ को काटने की कोशिश कर रहे हैं। इस आशंका को गंभीर मानते हुए नगर के जागरूक नागरिकों ने एकजुट होकर विरोध जताया और पेड़ की सुरक्षा की मांग उठाई।
इसी कड़ी में नागरिकों ने नायब तहसीलदार जितेंद्र बबेरवाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पेड़ को काटे जाने से रोकने का आग्रह किया। साथ ही जिला कलेक्टर पाली एवं सुमेरपुर उपखंड अधिकारी को भी ज्ञापन प्रेषित कर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि यह पेड़ न केवल कस्बे के पर्यावरण संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्षद देवाराम चौधरी, सामाजिक कार्यकर्ता छगन सोलंकी, कमलेश रावल, रामचंद्र जीनगर सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। उन्होंने अपने बयान में कहा:
देवाराम चौधरी: “यह पेड़ सिर्फ एक वृक्ष नहीं, यह हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान है। इसे काटा जाना समाज और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक होगा।”
छगन सोलंकी: “हम नगरवासी किसी भी कीमत पर इस पेड़ को सुरक्षित रखेंगे। प्रशासन से अनुरोध है कि तुरंत इस पेड़ को संरक्षित घोषित किया जाए।”
कमलेश रावल: “पेड़ हमारे भविष्य के लिए जीवनदायिनी है। इसके काटे जाने की किसी भी कोशिश को हम सहन नहीं करेंगे।”
रामचंद्र जीनगर: “स्थानीय लोग हमेशा से इस पेड़ के संरक्षण में अग्रणी रहे हैं। यह सिर्फ छांव का साधन नहीं, बल्कि समाज की एकता का प्रतीक भी है।”
नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से इस पेड़ को संरक्षित घोषित किया जाए और असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि कस्बे की हरियाली और प्राकृतिक धरोहर सुरक्षित रह सके।


