बेसहारा पशुओं को पकड़ने के अभियान का असर नहीं, सड़कों पर गौवंश का जमावड़ा
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) एक माह तक बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए चलाए गए अभियान के बावजूद शहर की सड़कों पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। गौरतलब है कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक अभियान चलाया गया था। लेकिन, अभियान के दौरान सिर्फ खानापूर्ति की। सड़कों और कॉलोनियों में घूम रहे गौवंश के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है। शहर के मुख्य मागों, कॉलोनियों और बाजारों में आज भी दर्जनों की संख्या में गौवंश का जमावड़ा रहता है। इन पशुओं के कारण कई बार वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। रात के समय ज्यादा खतरा रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद और पशुपालन विभाग इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गौशालाओं में भी इन पशुओं को रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। शहरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बेसहारा पशुओं को पकड़ने के अभियान को फिर से शुरू किया जाए और उन्हें स्थायी रूप से गौशालाओं में रखा जाए।
इस संबंध में सफाई निरीक्षक हवासिंह का कहना है कि अभियान के तहत पचास से अधिक बेसहारा गौवंश को सीमा बाई गौशाला में पहुंचाया गया था।
अतिरिक्त जिला कलक्टर शिवपाल जाट ने बताया कि सड़को पर घूमते निराश्रित गोवंश को गोशाला पहुंचाने को लेकर पूर्व में अभियान चलाया था। तथा गौवंश को गोशाला पहुंचाया गया फिर भी अगर शिकायत मिलती है तो दोबारा बेसहारा गौवंश को गौशाला पहुंचाया जाएगा।