बाल दिवस पर विधिक शिविर लगाकर कानून की जानकारी दी
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीडवाना व आशा चौधरी अध्यक्ष, ताल्लुका विधिक सेवा समिति के निर्देशानुसार पैनल अधिवक्ता तलत हुसैन हनीफी के द्वारा पी एम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मकराना में राष्ट्रीय बाल दिवस पर बाल दिवस (14 नवंबर) के विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। जिसमें पैनल अधिवक्ता हनीफी के द्वारा बच्चो को बाल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि बालक देश का भविष्य व राष्ट्र की धरोहर है। आज का बालक आने वाले कल का नागरिक होकर राष्ट्र का निर्माता होगा। यही कारण है कि बालकों के सर्वांगीण विकास के लिए भारत के संविधान व कानूनों में उन्हें कई महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान किए गए हैं और उनके हितों को संरक्षण प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के सामाजिक शैक्षिक एवं आर्थिक उन्नति में समाज की समृद्वि निहित है। बच्चों के प्रारम्मिक वर्ष उनके जीवन के लिए महत्वपूर्ण होते है 0 से 6 वर्ष तक आते-आते बच्चों में ज्ञानात्माक, मनौवैज्ञानिक भावनाओं की जडें मजबूत होती है। भारतीय संविधान द्वारा 06 से 14 वर्ष के बालकों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्राप्त है, तथा संविधान के अनुच्छेद 23 व 24 में किसी भी बालक का न तो शोषण किया जायेगा और न ही उससे बेगार ली जा सकती है। उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता बनाये रखने हेतु प्रेरित किया। साथ ही बच्चों को नालसा हेल्पाईन नंबर 15100, चाईल्ड हेल्पलाईन नंबर 1098 एवं डायल 100 आदि नंबर के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके मौलिक और संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, शिक्षा का अधिकार अधिनियम और बाल श्रम निषेध अधिनियम जैसे कानूनों के प्रति सजग करना और उन्हें यह समझाना था कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से कैसे मदद ली जा सकती है। इस अवसर पर विधालय के प्रधानाचार्य डी पी व्यास, प्राध्यापक अब्दुल रऊफ, कैलाशचंद्र वैष्णव, धन्नाराम जुणावा, रामेश्वरलाल डूडी, शाहरुख अली, न्यायिक कर्मचारी गुमानाराम, शुभकरण चारण, मुराद खां सहित विधालय के विधार्थीगण उपस्थित थे।

