प्रभु परमात्मा की जानकारी से ही मुक्ति संभव: सतगुरु माता सुदीक्षा
खैरथल (हीरालाल भूरानी) सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राज पिता रमित जी की पावन अध्यक्षता में राजस्थान की राजधानी जयपुर में निरंकारी संत समागम का भव्य आयोजन अत्यंत श्रद्धा प्रेम और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ जयपुर सहित अनेक जिलों से हजारों श्रद्धालुओं ने समागम में पहुंचकर सत्संग का लाभ प्राप्त किया तथा सतगुरु के प्रेरणादायी प्रवचनों से जीवन को आत्मिक दिशा देने का संकल्प लिया
प्रातः 11:00 बजे से 2:00 तक चले इस समागम में जयपुर के अलावा अलवर जिले से वह आसपास के कई जिलों से हजारों की संख्या में निरंकारी भक्त सतगुरु के दिव्य दर्शन हेतु पहुंचे थे इस विशाल समागम का दृश्य देखते ही बन रहा था जहां एक तरफ लंबी-लंबी नमस्कार की लाइन थी तो वहीं बड़े से पंडाल में हजारों भक्त परिवार शांत मन से सतगुरु के दर्शन कर रहा था
विद्याधर नगर स्टेडियम में आयोजित इस विराट समागम में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने हजारों भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि जब मनुष्य प्रभु परमात्मा की वास्तविक जानकारी प्राप्त कर लेता है तो उसके भीतर भेदभाव समाप्त हो जाते हैं हृदय विशाल हो जाता है और समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपना ही प्रतीत होने लगता है मानव जीवन का उद्देश्य इसी परमात्मा को पहचान कर जीवन को सफल बनाना और भक्ति को प्राथमिकता देना है जिससे मन की अवस्था स्वत: आनंदमय में हो जाती है
सतगुरु माताजी ने कहा कि संत महात्मा सदैव आत्म मंथन करते हैं वे दूसरों में दोष ढूंढने के बजाय अपने भीतर कमियों को पहचान कर उन्हें दूर करने हेतु प्रत्यनशील रहते हैं सच्चा भक्त कभी किसी पर उंगली नहीं उठाता बल्कि स्वयं के भीतर जाकर सुधार का मार्ग अपनाता हैं हमें यह भी देखना चाहिए कि हम" आग लगाने वालों" की श्रेणी में आते हैं या" आग बुझाने वालों" की जीवन में परमात्मा को शामिल कर प्रेम भक्ति में लगा ही मनुष्य का वास्तविक आभूषण है
सतगुरु माताजी ने कहा कि आध्यात्मिकता के साथ-साथ संत जन्म अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां को भी पूरी निष्ठा से निभाते हैं ब्रह्म ज्ञान के पश्चात जब मनुष्य परमात्मा को हाजिर नाजिम समझकर प्रत्येक कार्य करता है तो जीवन अत्यंत शहर सरल और सफल हो जाता है
समागम के दौरान सेवा करती हजारों की तादाद में निरंकारी सेवा दल के वालंटियर खाकी वर्दी में पुरुष और नीली वर्दी में महिलाएं अपनी अलग ही छाप छोड़ रही थी भक्त जन सतगुरु के दिव्य दर्शनों की खुशियां मना रहे थे
इस अवसर पर सुनील बाली जोनल इंचार्ज जयपुर ने अपनी और संगत की तरफ से सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजापिता रमित जी के गुलाबी नगर जयपुर आगमन पर आभार और धन्यवाद किया उन्होंने स्थानीय नागरिक प्रशासन पुलिस प्रशासन और क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक सामाजिक और धार्मिक संगठनों को उनके पूर्ण समर्थन और सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया ।